21 Best Sanskrit Thoughts with meaning in hindi | संस्कृत श्लोक अर्थ सहित

0
837
sanskrit thoughts with meaning in hindi

Sanskrit Thoughts with meaning in hindi :- संस्कृत एक ऐसी भाषा है, जिसके जरिये कुछ शब्दों में बहुत कुछ कहा जा सकता है| ऋषि मुनियों ने जीवन को आसान और बेहतर बनाने के लिए अनेकों अनमोल बचन इन संस्कृत श्लोकों के जरिये ग्रंथों, और पुराणों में लिखे| आज हम इन्ही sanskrit shlokas को with meaning अपनी भाषा hindi में समझेंगे|

दोस्तों आइये जानते और समझते हैं इस ज्ञान के सागर को| खासकर students संस्कृत slokas के इस ज्ञान को अपनी life और education में उतार कर अपने जीवन को सफल बना सकते हैं

Sanskrit Thoughts with meaning in hindi – संस्कृत श्लोक अर्थ सहित

short sanskrit thoughts with meaning in hindi, sanskrit shlokas with meaning in hindi

वाणी रसवती यस्य,यस्य श्रमवती क्रिया ।
लक्ष्मी : दानवती यस्य,सफलं तस्य जीवितं ।।

हिंदी अर्थ:- जिस मनुष्य की वाणी मीठी है, जिसका कार्य परिश्रम से परिपूर्ण है, जिसका धन दान करने में प्रयोग होता है, उसका जीवन सफल है।

स्वभावो नोपदेशेन शक्यते कर्तुमन्यथा !
सुतप्तमपि पानीयं पुनर्गच्छति शीतताम् !!

हिन्दी अर्थ : किसी व्यक्ति के मूल स्वभाव या आदत को सिर्फ सलाह देकर बदलना संभव नहीं है, ठीक उसी तरह जैसे ठन्डे पानी को गर्म करने पर वह गर्म तो हो जाता है लेकिन पुनः स्वयं ठंडा हो जाता है ।

अलसस्य कुतो विद्या, अविद्यस्य कुतो धनम् ।।
अधनस्य कुतो मित्रम्, अमित्रस्य कुतः सुखम् ।।

हिन्दी अर्थ : आलसी को विद्या कहाँ, अनपढ़/मूर्ख को धन कहाँ, निर्धन को मित्र कहाँ और अमित्र को सुख कहाँ |

सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया: ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दु:ख भाग्भवेत् ॥

हिंदी अर्थ : सभी सुखी हों, सभी निरोगी हों, सभी को शुभ दर्शन हों और कोई दु:ख से ग्रसित न हो|

उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगा: ।।

हिंदी अर्थ :- मेहनत से ही कार्य पूर्ण होते हैं, सिर्फ इच्छा करने से नहीं। जैसे सोये हुए शेर के मुँह में हिरण स्वयं प्रवेश नहीं करता, शेर को स्वयं ही प्रयास करना पड़ता है।

अनाहूतः प्रविशति अपृष्टो बहु भाषते !
अविश्वस्ते विश्वसिति मूढचेता नराधमः !!

हिन्दी अर्थ :- जो बिन बुलाये ही किसी सभा/स्थान पर पहुँच जाता है और बिना पूछे ही बोलता रहता है तथा विश्वास न करने योग्य लोगों पर भी विश्वास कर लेता है, वह मूर्ख है।

अष्टादस पुराणेषु व्यासस्य वचनं द्वयम् ।
परोपकारः पुण्याय पापाय परपीडनम् ॥

हिंदी अर्थ:- अट्ठारह पुराणों में व्यास के दो ही वचन हैं “परोपकार ही पुण्य है” और “दूसरों को दुःख देना पाप है”

बलवानप्यशक्तोऽसौ धनवानपि निर्धनः ।।
श्रुतवानपि मूर्खाऽसौ यो धर्मविमुखो जनः ||

हिंदी अर्थ:- जो व्यक्ति अपने धर्म ( कर्तव्य ) का पालन नहीं करता है, वह ( व्यक्ति ) बलवान् हो कर भी निर्बल, धनवान् हो कर भी निर्धन(गरीब) तथा ज्ञानी(शिक्षित) हो कर भी मूर्ख होता है |

प्रदोषे दीपक : चन्द्र:,प्रभाते दीपक:रवि:।
त्रैलोक्ये दीपक:धर्म:,सुपुत्र: कुलदीपक:।।

हिंदी अर्थ:- संध्या-काल मे चंद्रमा दीपक है, प्रातः काल में सूर्य दीपक है, तीनो लोकों में धर्म दीपक है और सुपुत्र कुल का दीपक है।

यथा चित्तं तथा वाचो यथा वाचस्तथा क्रियाः !
चित्ते वाचि क्रियायांच साधुनामेक्रूपता !!

हिंदी अर्थ : जो चित्त (मन) में हो वही वाणी(शब्दों) से प्रकट होना चाहिए और जो वाणी(शब्दों) से प्रकट हो उसके अनुरूप ही कार्य करना चाहिए | जिनके चित्त, वाणी और कर्म में एकरूपता होती है वही साधुजन होते हैं |

More Best Sanskrit shlokas with meaning in hindi for students

इस आर्टिकल को पढ़कर आप शतरंज खेलना जरूर सीख जाएंगे 

जाड्यं धियो हति सिंचति वाचि सत्यं, मानोन्नतिं दिशति पापमपाकरोति ।
चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिं , सत्संगतिः कथय किं न करोति पुंसाम् ।।

हिंदी अर्थ:- अच्छे मित्रों का साथ बुद्धि की जड़ता को हर लेता है ,वाणी में सत्य का संचार करता है, मान और उन्नति को बढ़ाता है और पाप से मुक्त करता है | चित्त को प्रसन्न करता है और ( हमारी )कीर्ति को सभी दिशाओं में फैलाता है |(आप ही ) कहें कि सत्संगतिः मनुष्यों का कौन सा भला नहीं करती |

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म, तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

हिंदी अर्थ:- गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु ही शंकर है; गुरु ही साक्षात् परम् ब्रह्म है; उन सद्गुरु को प्रणाम.

प्रियवाक्य प्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः ।
तस्मात तदैव वक्तव्यम वचने का दरिद्रता।।

हिंदी अर्थ:- प्रिय वचन बोलने से सभी जीव संतुष्ट हो जाते हैं, इसलिए सदैव प्रिय वाक्य ही बोलने चाहिएं। प्रिय वचन बोलने में कंजूसी कैसी।

षड् दोषाः पुरुषेणेह हातव्या भूतिमिच्छता !
निद्रा तद्रा भयं क्रोधः आलस्यं दीर्घसूत्रता !!

हिन्दी अर्थ:- किसी व्यक्ति के बर्बाद होने के 6 लक्षण होते है – नींद, गुस्सा, भय, तन्द्रा(थकावट), आलस्य और काम को टालने की आदत|

चन्दनं शीतलं लोके,चन्दनादपि चन्द्रमाः ।।
चन्द्रचन्दनयोर्मध्ये शीतला साधुसंगतिः ।।

हिंदी अर्थ:- चन्दन को संसार में सबसे शीतल माना गया हैं लेकिन चंद्रमा उससे भी ज्यादा शीतलता देता हैं| लेकिन इन सबसे श्रेष्ठ है अच्छे मित्रों का साथ जो सबसे अधिक शीतलता एवम शांति देता हैं।

यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवताः।
यत्र तास्तु न पूज्यंते तत्र सर्वाफलक्रियाः॥

हिंदी अर्थ : जहाँ नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं. जहाँ नारी को नहीं पूजा जाता, वहां सब व्यर्थ है|

सेवितव्यो महावृक्ष: फ़लच्छाया समन्वित:।
यदि देवाद फलं नास्ति,छाया केन निवार्यते।।

हिंदी अर्थ:- विशाल वृक्ष की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि वो फल और छाया दोनो देता है| यदि दुर्भाग्य से फल नहीं हैं तो छाया को भला कौन रोक सकता है।

द्वौ अम्भसि निवेष्टव्यौ गले बद्ध्वा दृढां शिलाम् !
धनवन्तम् अदातारम् दरिद्रं च अतपस्विनम् !!

हिन्दी अर्थ : दो प्रकार के लोगो को गले में पत्थर बांधकर समुद्र में फेंक देना चाहिए| पहले वो जो अमीर होते है पर दान नहीं करते और दूसरे वो जो गरीब हैं लेकिन कठिन परिश्रम नहीं करते.

अयं निजः परो वेति गणना लघु चेतसाम् ।
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम् ।

हिंदी अर्थ:- तेरा मेरा करने वाले लोगों की सोच उन्हें छोटा बना देती हैं, जबकि जो व्यक्ति सभी का हित सोचते हैं उदार चरित्र के हैं पूरा संसार ही उसका परिवार होता हैं।

स्वगृहे पूज्यते मूर्खः स्वग्रामे पूज्यते प्रभुः।
स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान्सर्वत्र पूज्यते॥

हिंदी अर्थ:- मूर्ख की अपने घर पूजा होती है, मुखिया की अपने गाँव में पूजा होती है, राजा की अपने देश में पूजा होती है विद्वान् की सब जगह पूजा होती है|

देवो रुष्टे गुरुस्त्राता गुरो रुष्टे न कश्चन:।
गुरुस्त्राता गुरुस्त्राता गुरुस्त्राता न संशयः।।

हिंदी अर्थ:- भाग्य रूठ जाए तो गुरु रक्षा करता है, गुरु रूठ जाए तो कोई नहीं होता। गुरु ही रक्षक है, गुरु ही रक्षक है, गुरु ही रक्षक है, इसमें कोई संदेह नहीं।

दोस्तो आपको हमारा कलेक्शन sanskrit thoughts with meaning in hindi कैसा लगा| अगर आपको इसमें कुछ त्रुटी नज़र आए| तो आप हमें कमेंट में अवगत करा सकते हैं|

अगर आपके पास sanskrit slokas with meaning in hindi से सम्बंधित और बेहतर जानकारी है, तो उसे आप हमारे साथ शेयर कर सकते हैं [email protected] पर|

आपके अमूल्य सुझाव ही [email protected] हमारी सफलता की कुंजी है|

आपके लिए और संस्कृत श्लोक हैं, इन्हें भी एक बार देख लें

32 life changing Sanskrit Shlokas with meaning in hindi | प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक अर्थ सहित

45 life changing Sanskrit slokas with meaning in hindi on vidya | विद्या संस्कृत श्लोक

15 Most Famous Ganesha Temples in India | भारत के प्रसिद्ध गणेश मंदिर

भगवद्गीता के संस्कृत श्लोक जो बदल सकते हैं आपका जीवन

भारत के यातायात के नियम व चिन्ह का मतलब

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here