B.ed aur D.el.ed mein kya antar hai

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क्या आप सर्च कर रहे है की B.ed और D.el.ed में क्या अंतर है| यदि हाँ तो आप सही जगह पर आये हैं| इस पोस्ट में हम डिटेल में discuss करेंगे की बीएड B.ed और डीएलएड D.el.ed में क्या अंतर होता है

अगर आप एक ऐसे स्टूडेंट्स में से एक हैं जो किसी सरकारी या प्राइवेट स्कूल में टीचर का करियर शुरू करना चाहते हैं,

B.ed और d.el.ed में क्या अंतर है (टेबल के साथ)

s.no. B.ed D.el.ed
1. B.Ed का फुल फॉर्म होता है बैचलर इन एजुकेशन (Bachelor in Education) इसे हिंदी में शिक्षा में स्नातक भी कहते हैं|D.El.Ed का फुल फॉर्म होता है डिप्लोमा एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स (Diploma in Elementary Education Course) ऐसे हिंदी में है|
2.बीएड एक डिग्री है| डी.एल.एड एक डिप्लोमा है|
3.यह 2 साल का प्रोफेशनल कोर्स है,जिसमें 4 सेमेस्टर होते हैं| यह भी 2 साल का कोर्स होता है,जिसमे 4 सेमेस्टर होते है|
4.बीएड को ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं| डी.एल.एड कोर्स को पहले12th पास के बाद किया जाता था| अब इसे स्नातक स्तर (Graduation level ) पर कर दिया गया है|
5.बीएड में प्रवेश परीक्षा (Entrance exam) होती है| डी.एल.एड में भी प्रवेश परीक्षा (Entrance exam) होती है|
6.बीएड करने के लिए ग्रेजुएशन में कम से कम 50% से 55% तक पास होना जरूरी है|डी.एल.एड में भी ग्रेजुएशन में कम से कम 50% से 55% तक पास होना जरूरी है|
7.टीचर बनने के लिए TET और CTET दोनों Exams पास करने होते है| टीचर बनने के लिए TET और CTET दोनों Exams पास करने होते है|
8.b.ed के लिए प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी(english), सामान्य ज्ञान (general knowledge), बुनियादी अंकगणित (basic arithmetic) सहित विभिन्न विषयों (subject) पर बेस्ड होती है| D.el.ed  के लिए प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी(english), हिंदी(hindi), गणित(math), विज्ञान(science) और सामाजिक विज्ञान(general science) पर क्लास 10th (level) स्तर तक बेस्ड होती है|

What is the difference between B.ED and D.EL.ED Course? | B.ed और D.El.Ed में क्या अंतर है

B.Ed एंड D.El.Ed दोनों कोर्स अपने अलग-अलग शिक्षण कौशल (Teaching skills) में समान होंगे, ये शिक्षण पाठ्यक्रम (Teaching course)  है|

प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training program) पूरी तरह से अलग है B.ed और डीएलएड कोर्स  के बीच कई अंतर है|

B.Ed शिक्षा में स्नातक की डिग्री (Bachelors degree in Education) है|

जबकि D.el.ed शिक्षा में डिप्लोमा(Diploma in Education) है|

बी.एड एक स्नातक शैक्षणिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Undergraduate Academic Training Program) है जो स्नातकों (graduates) को स्कूलों में शिक्षकों के रूप में तैयार (ready to be teachers) करता है|  

B.ed और D.El.Ed उन छात्रों (Students) के लिए सबसे अच्छा है|

जो  शिक्षण क्षेत्र (Teaching field)  में अपना करियर बनाना चाहते हैं इन दोनों कार्यक्रमों (Programs) को आगे बढ़ाने की योग्यता (Qualification) भी अलग-अलग  है| 

What is B.ed ? | B.Ed क्या है ?

B.Ed कोर्स टीचर बनने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण  कोर्स है, B.Ed का फुल फॉर्म होता है बैचलर इन एजुकेशन (Bachelor in Education) इसे हिंदी में शिक्षा में स्नातक भी कहते हैं|

यह 2 साल प्रोफेशनल का कोर्स है  जिसमें 4 सेमेस्टर होते हैं इसमें अलग-अलग सब्जेक्ट्स की पढ़ाई करनी होती है|

जिसे कोई भी ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं इस कोर्स को करने का मुख्य उद्देश्य होता है  शिक्षक बनना (To become a Teacher)|

जो स्कूल के रूप में काम करने के लिए ग्रेजुएशन के बाद किया जाता है नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर (एनसीटीई) के अनुसार सभी शिक्षकों के पास B.Ed होना आवश्यक है|

यह कोर्स बैचलर डिग्री कंप्लीट करने के बाद किया जाने वाला कोर्स है इसको में आपको खासतौर पर टीचिंग के लिए तैयार किया जाता है|

B.Ed कोर्स के माध्यम से आप प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक के रूप में सेवा प्रदान कर सकते हैं|

Qualification of B.ED | B.Ed के लिए योग्यता

B.Ed करने के लिए आपके पास जरूरी योग्यता (Qualification) होनी चाहिए|

  • सबसे पहले आपको 12th class में अच्छे अंको से पास करनी होगी, उसके बाद B.Ed कोर्स करने के लिए आपको (B.A, B.COM, B.Sc ) जैसे किसी भी विषय में  ग्रेजुएशन पूरी करनी होगी|
  • आपको ग्रेजुएशन में कम से कम 50% से 55% तक पास होना जरूरी है|
  • आयु सीमा (Age Limit):- B.Ed कोर्स करने के लिए उम्र की बात करें. तो B.Ed कोर्स करने के लिए आपकी आयु सीमा (Age limit) कम से कम 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए|

Exam Type- Semester wise

Duration- 2 year

B.ED Course Fees | B.Ed कोर्स फीस

  • अगर आप B.Ed कोर्स करना चाहते हैं तो B.Ed कोर्स की फीस हर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अलग-अलग होती है|
  • आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी से B.Ed कोर्स करना चाहते हैं,तो आपको उस कॉलेज की फीस के बारे में पता कर सकते है|
  • अगर आप एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद किसी सरकारी कॉलेज से B.Ed कोर्स करते हैं तो सरकारी कोर्स की फीस कम होती है|
  • इसके अलावा अगर आप प्राइवेट कॉलेज से बिना एंट्रेंस एग्जाम दिए  B.Ed कोर्स करना चाहते हैं तो आप अपने अंकों (Marks) के आधार पर कॉलेज पा सकते हैं लेकिन उनकी फीस ज्यादा होती है|
  • प्राइवेट कॉलेज से B.Ed करने की फीस करीब 60000 या  उससे ज्यादा भी हो सकती है
  • इसके अलावा अगर आप किसी सरकारी कॉलेज से रेगुलर B.Ed कोर्स करते हैं तो सरकारी कॉलेज की सालाना फीस 25000 से 45000 तक हो सकती है|

Subjects of B.Ed course | B.Ed कोर्स के विषय

  •  भौतिक विज्ञान (Physics)
  •  प्राकृतिक विज्ञान (Natural science)
  •  कंप्यूटर विज्ञान (computer science)
  •  राजनीति विज्ञान (political science)
  •  जैविक विज्ञान  (biological science)
  •  रसायन विज्ञान (chemistry science)
  • गृह विज्ञान  (Home science)
  •  शारीरिक शिक्षा (Physical education)
  •  अर्थशास्त्र (Economics)
  •  भूगोल (Geography)
  •  हिंदी (Hindi)
  •  गणित (Math)
  •  अंग्रेजी (English)
  •  व्यापार ( Business)
  •  विशेष शिक्षा ( Special education)

What is the D.EL.ED? | डी.एल.एड क्या है

डीएलएड (D.El.Ed) को पहले बीटीसी (Btc) भी कहा जाता था,अब उसका नाम (Btc) से बदलकर D.El.Ed कर दिया गया है| इसे डीएड (D.Ed)  के नाम से भी जाना जाता है|

ये एक डिप्लोमा कोर्स (Diploma course) है,पहले इसे 12th पास के बाद किया जाता था| अब इसे स्नातक स्तर (Graduation level ) पर कर दिया गया है

D.El.Ed एक डिप्लोमा एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स (Diploma in Elementary Education Course) है|

जो 2 साल का कोर्स होता है जिसको 4 सेमेस्टर में बांटा गया है, जो स्कूल के रूप में काम करने के लिए ग्रेजुएशन के बाद किया जाता है|

डीएलएड में प्राइमरी/अप्पर प्राइमरी टीचर की ट्रेनिंग दी जाती है डीएलएड में 1st  से 8th  तक की क्लास  के बच्चों को पढ़ाने की  ट्रेनिंग दी जाती है|

Qualification of D.El.Ed | D.El.Ed की योग्यता 

  • D.el.ed  करने के लिए आपके पास जरूरी योग्यता (Qualification) होनी चाहिए|
  • सबसे पहले आपको 12th class में अच्छे अंको से पास करनी होगी, उसके बाद D.el.ed कोर्स करने के लिए आपको (B.A, B.COM, B.Sc ) जैसे किसी भी विषय में  ग्रेजुएशन पूरी करनी होगी|
  • आपको ग्रेजुएशन में कम से कम 50% से 55% तक पास होना जरूरी है|
  • आयु सीमा (Age Limit):- B.Ed कोर्स करने के लिए उम्र की बात करें. तो D.el.ed कोर्स करने के लिए आपकी आयु सीमा (Age limit) कम से कम 21 से 35 वर्ष होनी चाहिए|

Exam Type- Semester wise

Duration- 2 year

D.el.ed course fees | डीएलएड कोर्स फीस

  • अगर आप D.el.ed  कोर्स करना चाहते हैं तो D.el.ed कोर्स की फीस हर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अलग-अलग होती है|
  • आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी से D.el.ed कोर्स करना चाहते हैं,तो आपको उस कॉलेज की फीस के बारे में पता होना चाहिए|
  • अगर आप एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद किसी सरकारी कॉलेज से D.el.ed कोर्स करते हैं तो सरकारी कोर्स की फीस कम होती है|
  • इसके अलावा अगर आप प्राइवेट कॉलेज से बिना एंट्रेंस एग्जाम दिए  D.el.ed कोर्स करना चाहते हैं तो आप अपने अंकों (Marks) के आधार पर कॉलेज पा सकते हैं लेकिन उनकी फीस ज्यादा होती है|
  • प्राइवेट कॉलेज से D.el.ed करने की फीस करीब 55000 या  उससे ज्यादा भी हो सकती है इसके अलावा अगर आप किसी सरकारी कॉलेज से रेगुलर D.el.ed कोर्स करते हैं तो सरकारी कॉलेज की सालाना फीस 20000 से 40000 तक हो सकती है|

Entrance exam | प्रवेश परीक्षा

  • B.ed और D.El.Ed दोनों में प्रवेश परीक्षा (Entrance exam) होती है जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं जो डोमन ज्ञान और उम्मीदवारों की सामान्य योग्यता की जांच करते हैं|
  • B.ed और D.El.Ed दोनों के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance exam) हर साल मई और जून  के महीने में आयोजित की जाती है|
  • B.ed  और D.el.ed दोनों  का परीक्षा का समय 2 घंटे का होता है|
  • दोनों में नेगेटिव मार्किंग होती है|
  • प्रवेश परीक्षा दो भाषाओं में होती है, हिंदी और इंग्लिश|
  • D.el.ed  के लिए प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी(english), हिंदी(hindi), गणित(math), विज्ञान(science) और सामाजिक विज्ञान(general science) पर कक्षा 8th (level)  स्तर तक आधारित होगी|
  • और b.ed के लिए प्रवेश परीक्षा अंग्रेजी(english), सामान्य ज्ञान (general knowledge), बुनियादी अंकगणित (basic arithmetic) सहित विभिन्न विषयों (subject) पर आधारित होगी| 
  • योग्यता और राज्य के आधार पर एक स्थानीय भाषा चूज़ करनी पड़ती है| 

TET Exam क्या होता है?

TET Exam दने के लिए qualification क्या होता है और TET की फुल फॉर्म क्या होती है| और इस Post के माध्यम के साथ हम आपको हर तरह की जानकारी देंगे|

TET की फुल फॉर्म होती है ‘Teacher Eligibility Test‘ और ऐसे हिंदी में ‘शिक्षक पात्रता परीक्षा‘ होता है, TET करने के बाद आपको 1-5 तक और 6-8 तक पढ़ाने के लिए मिलता है।

TET एक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट है जो सेंट्रल गवर्नमेंट और स्टेट गवर्नमेंट दोनों के द्वारा करवाई जा सकती है। और यह National लेवल और State लेवल पर भी होता है।

मतलब जो स्टूडेंट इस एलिजिबिलिटी टेस्ट को पास कर लेते है वो सरकारी टीचर बनने के काबिल हो जाते है।

C.TET Exam क्या होता है?

CTET Exam दने के लिए qualification क्या होता है और CTET की फुल फॉर्म क्या होती है| और इस Post के माध्यम के साथ हम आपको हर तरह की जानकारी देंगे|

CTET की फुल फॉर्म होती है,“Central Teacher Eligibility Test” और इसे हिंदी में “केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा” कहते है|

CTET परीक्षा के माध्यम से प्राइमरी और एलिमेंट्री स्कूलों में शिक्षकों का चयन किया जाता है। अगर आप प्राइमरी एलिमेंट्री टीचर बनना चाहते हैं तो इस परीक्षा के द्वारा आपकी एजुकेशनल और मेन्टल एबिलिटी को मापा जाता है।

CTET Exam को पास करने के बाद आप क्लास 1st से 8th तक पढ़ाने के लिए तैयार होते हैं।

सीटेट एग्जाम में 2 लेवल होते हैं यानी एजुकेशन के लिए 2 पेपर होते हैं जिसमें पेपर 1st क्लियर करने के बाद आप क्लास 1st से 5th (Primary Level) तक और पेपर 2nd में क्लास 1st से 8th (Elementary Level) तक पढ़ाने का मौका मिलता है।

CTET का एग्जाम भारत के हर राज्य (every state) में आयोजित(conducted) होती है यानी के यह एग्जाम नेशनल लेवल पर कराया जाता है। CTET का एग्जाम करवाने का मकसद यही है कि बच्चों को क्वालिफाइड टीचर्स प्रोवाइड किया जाए।

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Vanshita Tiwari
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