What is Share Market in Hindi | शेयर बाज़ार क्या है और कैसे काम करता है

0
160

What is Share Market (Stock Market) in Hindi and how its works | शेयर बाज़ार (share bazaar) क्या है और कैसे काम करता है

दोस्तो आपने सुना होगा शेयर मार्किट (Share Market) से उसने इतने पैसे कमा लिए, वो वंदा एक महीने में करोडपति बन गया| ये, वो फलाना ढिकाना और पता नहीं क्या क्या|

लेकिन दोस्तो किसी की भी सफलता के पीछे बहुत हार्ड वर्क छिपा होता है, और किसी भी फील्ड में बिना परफेक्ट नॉलेज के काम करना, सत प्रतिशत नुकसान का एक मुख्य कारण है|

यदि आप भी शेयर मार्किट में काम करना चाहते हैं तो आपको पता होना चाहिए की शेयर मार्किट और शेयर बाज़ार क्या है और यह कैसे काम करता है और आप शेयर मार्किट (Share Market) में किस तरीके से पैसे लगा सकते हैं और शेयर मार्किट और शेयर बाज़ार में पैसा लगाने से पहले कोन कोन सी बातों का आपको ध्यान रखना है|

आइये चर्चा करते हैं|

What is Sahre market in Hindi (शेयर बाज़ार क्या है)

शेयर मार्किट (Share Market) और शेयर बाज़ार एक ऐसी जगह है जहाँ आप शेयर खरीद और बेच सकते हो| इस पूरे मार्किट को गवर्नमेंट की कई एजेंसी के द्वारा कण्ट्रोल किया जाता है|

यदि आप शेयर के बारे में नहीं जानते और शेयर क्या है तो आप यह आर्टिकल पढ़ लें

शेयर के बारे में संक्षिप्त में समझ लेते हैं| पब्लिक लिमिटेड कंपनी, कैपिटल इकठ्ठा करने के लिए अपनी कंपनी के शेयर मार्किट में जारी करती है| जो व्यक्ति इन शेयर को खरीदता है वो शेयर होल्डर कहलाता है|

शेयर से पैसा कैसे कमाया जाता है|

  • जब आप कंपनी के शेयर खरीद कर शेयर होल्डर बन जाते हैं, शेयर में लगाये गए पैसो के अनुसार आपको कंपनी के प्रॉफिट में हिस्सा मिल जाता है|
  • दूसरा यदि मार्किट में शेयर का रेट बढ़ जाता है तो आप इन शेयर्स को किसी और को बेच के भी पैसा कमा सकते हैं|

शेयर मार्किट कैसे काम करता है

दोस्तो भारत में दो संस्थाए NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) हैं, जहाँ शेयर ख़रीदे और बेचे जाते हैं|

इन दोनों स्टॉक एक्सचेंज को सरकार का एक विभाग SEBI (सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया) कण्ट्रोल करता है|

आइये चर्चा करते हैं यह शेयर मार्किट (Share Market) में कोन कोन से विभाग जुड़े होते हैं|

What is share market and how it works in Hindi

 

what is share market in hindi

शेयर मार्किट कितनी तरह का होता है

शेयर मार्किट 2 तरह का होता है प्राइमरी मार्किट और सेकेंडरी मार्किट, आइये दोनों को संक्षिप्त में समझते है

प्राइमरी मार्किट (Primary Market):-

यदि कोई कंपनी, मान लेते हैं कोई नई कंपनी खुली है और पहली बार यह अपने शेयर मार्किट (Share Market) में बेच रही है तो इस तरह के शेयर प्राइमरी मार्किट में ही बेचे जा सकते हैं| जब कंपनी सबसे पहली बार अपने शेयर, मार्किट में बेचने के लिए लेके आती है तो इसे IPO (Initial Public Offer) कहा जाता है|

यानि फर्स्ट इन्वेस्टर और नई कंपनी के बीच में पहला रिश्ता प्राइमरी मार्किट में ही बनता है|

सेकेंडरी मार्किट (Secondary Market):-

जब कंपनी के द्वारा जारी किये गए शेयर इन्वेस्टर यानि खरीदार के पास आ जाते है, तो इसे आम बोल चाल की भाषा में शेयर होल्डर कहा जाता है, अब यह शेयर होल्डर अपने शेयर किसी और खरीदार को बेचता है तो यह प्रक्रिया सेकेंडरी मार्किट कहलाती है| यानि एक शेयर होल्डर अपने शेयर जब किसी और शेयर होल्डर को बेच देता है तो यह मार्किट सेकेंडरी मार्किट कहलाता है| शेयर की खरद फरोक्त सेकेंडरी मार्किट में ही होती है|

शेयर मार्किट (Share Market) को समझने के लिए निचे दिए गए विभाग को समझना जरूरी है|

  1. स्टॉक एक्सचेंज
  2. स्टॉक इंडेक्स
  3. ब्रोकर्स
  4. निवेशक
  5. Demat अकाउंट
  6. ट्रेडिंग अकाउंट

स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange):-

स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसी जगह है जहाँ कंपनी के शेयर लिस्ट किया जाते हैं, यानि एक ऐसी जगह जहाँ जितनी भी कंपनी भारत में शेयर बेचना चाहती हैं चाहे वो इंडियन हो या विदेशी, अपने शेयर को दर्ज कराती हैं|

स्टॉक एक्सचेंज मार्किट के उतार चढाव के अनुसार इन शेयर के रेट बताता रहता है| भारत में 2 स्टॉक एक्सचेंज हैं NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज).

स्टॉक एक्सचेंज का इतिहास और सम्पूर्ण जानकारी के लिए यह आर्टिकल पढ़ लें (NSC और BSE का इतिहास और कार्य प्रणाली)

स्टॉक इंडेक्स (Stock Index):-

दोस्तो आपने सुना होगा आज सेंसेक्स निचे हो गया आज ऊपर है, NIfty में आज तेजी है वगेरह वगेरह| सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही स्टॉक इंडेक्स है|

सेंसेक्स (Sensex), BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) में लिस्ट शेयर्स का उतार चढ़ाव बताता है, और निफ्टी50 (Nifty50) NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) में लिस्टेड शेयर्स का उतार चढ़ाव बताता है|

स्टॉक इंडेक्स एक तरह की सूचि है जिसमें स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड शेयर के उतार चढ़ाव के बारे में बताया जाता है, जैसे मान लेते है, कल सेंसेक्स 10,000 था और आज 11,000 है, इसका मतलब मार्किट में तेजी है, और सेंसेक्स कल की तुलना में आज कम है तो मार्किट में मंदी है|

stock index बताता है की शेयर मार्किट (Share Market) में तेजी है या मंदी, स्टॉक इंडेक्स को देखकर ही निवेशक फैसला लेते हैं की उन्हें शेयर मार्किट में पैसा लगाना चाहिए या नहीं|

आप स्टॉक इंडेक्स के बारे में और जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल पढ़ लें (स्टॉक इंडेक्स क्या है और कैसे देखें, स्टॉक इंडेक्स शेयर खरीदने से पहले)

ब्रोकर्स (Brokers):-

ब्रोकर एक मध्यस्थ है जो स्टॉक एक्सचेंज और इन्वेस्टर के बीच की कड़ी है| ब्रोकर इन्वेस्टर को सलाह देता है की उसे कहाँ और कैसे इन्वेस्ट करना चाहिए, इसके लिए ब्रोकर अपना कमीशन चार्ज करता है|

ब्रोकर किसी भी स्टॉक एक्सचेंज NSE और BSE में रजिस्टर्ड होना चाहिए| ब्रोकर्स रजिस्टर्ड है या नही इसकी जानकारी आप SEBI की वेबसाइट से ले सकते हैं|

ब्रोकर के ऑफिस या वेबसाइट पर ब्रोकर लाइसेंस को SEBI की वेबसाइट पर दी गई लिस्ट से मिला लें|

यदि आप ब्रोकर के बारे में और जानकारी चाहते हैं तो आप यह आर्टिकल पढ़ लें (ब्रोकर क्या है, कैसे काम करते हैं और ब्रोकर केसे बना जाता है)

कुछ फेमस ब्रोकर्स इस प्रकार हैं

  • IndiaInfoline
  • ICICIdirect
  • Share khan
  • India bulls
  • Geojit Securities
  • HDFC
  • Reliance Money
  • Religare
  • Angel Broking

निवेशक (Investors):-

निवेशक, शेयर मार्किट (Share Market) में पैसा लगाता हैं कंपनी के शेयर खरीदता है, समय समय पर शेयर को किसी और को बेचकर पैसा कमाता है|

FII:- FII विदेशी निवेशकों के लिए प्रयोग किया जाने वाला शब्द, यानि जो हमारे देश के नहीं हैं और भारत के स्टॉक
एक्सचेंज में पैसा लगाते हैं|

Proprietary:- यदि खुद ब्रोकर ही शेयर मार्किट में पैसा लगाता है तो इसे प्रोप्राइटरी बोला जाता है|

DII:- यदि भारत की ही कंपनी और इंस्टिट्यूट शेयर मार्किट में पैसा लगाते हैं तो इन्हें DII बोला जाता है|

Clients:- हम और आप जैसे लोग क्लाइंट्स कहलाते हैं, यानि इंडिविजुअल अकेला बन्दा जब शेयर मार्किट में पैसा लगाता है|

Demat Account:-

यदि आप शेयर मार्किट (Share Market) में पैसा लगाना चाहते हैं तो आपको Demat अकाउंट खुलवाना पड़ेगा| यह अकाउंट बैंक अकाउंट की तरह होता है|

जहाँ आप बैंक में पैसे को रखते हैं और लेन देन करते हैं उसी प्रकार demat अकाउंट में शेयर को रखा जाता है| आप Demat अकाउंट कैसे खोलेंगे और यह कैसे काम करता है जानने के लिए यह आर्टिकल पढ़ लें (डीमेट अकाउंट क्या है और कैसे काम करता है और कैसे और कहाँ खुलवाए)

ट्रेडिंग अकाउंट:-

Demat अकाउंट खुलवाने के बाद आपको ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना होगा अगर आप शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो|

ट्रेडिंग अकाउंट, Demat अकाउंट से अलग होता है, इसमें आपको एक ऑनलाइन प्लेटफार्म मिलता है, जिसकी माध्यम से आप एक लैपटॉप और कंप्यूटर के मदद से घर बैठे शेयर खरीद और बेच सकते हैं|

कैसे करें ट्रेडिंग:-

शेयर मार्किट में ट्रेडिंग करने के 2 तरीके हैं|

Intraday:- यदि स्टॉक को खरीद के उसी दिन बेच दिया जाता है इसे intraday ट्रेडिंग कहा जाता है|

Positional Trading:- यदि शेयर या स्टॉक उसी दिन न बेचकर भविष्य में किसी और दिन बेचे जाते हैं इसे Positional Trading कहा जाता है|

कितने अकाउंट की जरुरत है|

आपके पास

  • बैंक अकाउंट,
  • Demat अकाउंट और
  • ट्रेडिंग अकाउंट

होना चाहिए

Delivery and Settlement का क्या मतलब है:-

Delivery:- यदि खरीदार शेयर खरीद कर एक से ज्यादा दिन तक अपने Dematअकाउंट में रखता है इसे डिलीवरी बोला जाता है|

Settlement Period:- शेयर खरीदने और बेचने और पैसे की पेमेंट और मिलने के समय को सेटलमेंट कहते हैं| शेयर मार्किट में सेटलमेंट T (ट्रेड) + 2 Days और Trade + 2nd Business Day में होता है|
Example:- यदि आपने शेयर सोमवार को ख़रीदे हैं तो आपके अकाउंट में शेयर बुधवार को आयेंगे|

सेक्टर:- एक ही प्रोडक्ट में डील करने वाली कंपनी के समूह को सेक्टर कहा जाता है| जैसे आयल कंपनी ग्रुप, टेक्सटाइल कंपनी ग्रुप| एक सेक्टर कैसा परफॉर्म कर रहा है शेयर के दाम बढ़ रहे हैं या कम हो रहे हैं आप स्टॉक एक्सचेंज की इंडेक्स से देख सकते हैं|

Bull Market and Bear Market

What is Bull Market In Hindi:-

यदि स्टॉक एक्सचेंज में किसी सेक्टर में शेयर के प्राइस बढ़ रहे हैं, इसे bull Market  कहा जाता है, यदि मार्किट में किसी सेक्टर के बारे में निवेशक सकारात्मक हैं, और इस सेक्टर में इन्वेस्ट करते ही जा रहे हैं तो डिमांड के
सप्लाई से ज्यादा होने की वजह से शेयर की कीमत बढ़ने लगती है|

What is Bear Market in Hindi:-

यदि स्टॉक एक्सचेंज में किसी सेक्टर में शेयर के प्राइस कम हो रहे हैं, इसे Bear Market कहा जाता है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि निवेशक इस सेक्टर की परफॉरमेंस के प्रति नकारात्मक हैं और कम निवेश कर रहे है और डिमांड, सप्लाई से कम रह जाती है और शेयर के प्राइस गिरने लगते हैं|

 

शेयर्स के प्राइस क्यों घटते बढ़ते हैं:-

यह सारा कुछ डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है| जब किसी शेयर के डिमांड सप्लाई से ज्यादा हो जाती है और शेयर के रेट बढ़ जाते हैं और यदि डिमांड, सप्लाई से कम रह जाती है और शेयर के प्राइस निचे गिर जाते हैं|

source 1 2 3

यह भी पढ़ें:-

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है और कैसे इन्वेस्ट करें

 

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here