What is Credit Card in Hindi | क्रेडिट कार्ड क्या है फायदे और नुकसान

What is Credit Card benefits in Hindi | क्रेडिट कार्ड क्या है इसके फायदे और नुकसान | क्रेडिट कार्ड कैसे अप्लाई करें |

दोस्तो, डेबिट कार्ड तो हर किसी के पास देखने को मिल ही जाता है| लेकिन क्रेडिट कार्ड कुछ चुनिन्दा लोगों को ही बैंक के द्वारा दिया जाता है|

डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में अंतर केवल इतना है| जब भी आप डेबिट कार्ड से भुगतान करते हैं तो पैसा आपके बैंक अकाउंट से कटता है|

लेकिन क्रेडिट कार्ड (Credit Card) से जब आप भुगतान करते हैं तो आपके बैंक अकाउंट से पैसा नहीं कटता है बैंक अपनी तरफ से भुगतान करती है|

लेकिन एक निश्चित अवधि के बाद आपको पैसा बैंक को वापस करना होगा| यदि आप अंतिम भुगतान तिथि पर पैसा वापस नहीं करते हैं तो बैंक क्रेडिट कार्ड धारक पर पेनल्टी और ब्याज लगाता है|

यह पेनल्टी और ब्याज बहुत ज्यादा होती है| इसलिए यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड (Credit Card) है तो आप अपनी आय और भुगतान करने की क्षमता के अनुसार ही इसका प्रयोग करें, अन्यथा आप कर्ज के कुचक्र में फँस सकते हैं|

What is Credit Card in Hindi

क्रेडिट कार्ड क्या होता है

 Definition of Credit Card

“A credit card is rectangular plastic card that contain an electromagnetic strip| It is issued by financial institution and is used by an individual to complete a purchase at the point of sale(i.e. checkout). The payment in such transaction are made available by financial institution to the individual for a limited period without interest”

क्रेडिट कार्ड की परिभाषा

क्रेडिट कार्ड एक आयताकार प्लास्टिक का कार्ड होता है| यह बिलकुल डेबिट कार्ड की तरह ही होता है| इस पर एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्ट्रिप लगी होती है| इसे कोई फाइनेंसियल संस्था इशू कर सकती है| क्रेडिट कार्ड धारक इस प्लास्टिक कार्ड के माध्यम से किसी भी क्रेडिट कार्ड स्वाइप मशीन और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से क्रय (purchase) का भुगतान कर सकता है| इस भुगतान के लिए एक निश्चित अवधि के लिए बैंक अपनी तरफ से पैसे देता है| यह पैसा क्रेडिट कार्ड धारक को भुगतान की अंतिम तिथि पर बैंक को वापस करना होता है| भुगतान न करने की स्तिथि में बैंक धारक पर पेनल्टी और ब्याज लगाता है|

क्रेडिट कार्ड का भुगतान करने के लिए कितना समय मिलता है|

देखिये में यहाँ स्पष्ट कर दूँ, यह एक बहुत बड़ी भ्रान्ति है की एक बार क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने के बाद धारक को 50 दिन का समय मिलता है|

ऐसा बिलकुल भी नहीं है| इसको समझाने के लिए में अपने क्रेडिट कार्ड का उदहारण ले लेता हूँ| में दो कार्ड प्रयोग करता हूँ, SBI Simply save card or RBl pletinum card.

सबसे पहले में SBI कार्ड का उदहारण आपको देता हूँ|

मेरा SBI कार्ड का बिल महीने की 2 तारीख को बनता है| मान लेते हैं जुलाई का महिना चल रहा है| अब में 3 जुलाई से लेकर अगले महीने अगस्त की 2 तारीख तक कुछ भी खरीदारी करता हूँ उसका बिल 2 अगस्त  रात को बार बजे बन जाएगा|

अब मुझे 21 दिन का समय और मिलता है और 22 अगस्त को मुझे सारा पैसा बैंक को भुगतान करना होता है|

आप सीधा सीधा हिसाब लगा सकते हैं

जुलाई महीने के 29 दिन और अगस्त महीने के 22 दिन करीब 50 दिन मुझे मिलते हैं भुगतान करने के लिए| इस बीच मुझे कोई भी ब्याज नहीं देना होता है|

अब बात करते हैं हर भुगतान के लिए 50 दिन मिलेंगे क्या| नहीं सरजी आप समझे नहीं, इसे समझने के लिए ऊपर वाले उदहारण को ही आगे बढ़ाते हैं|

मैंने एक क्रेडिट कार्ड से खरीदारी की 3 जुलाई को 2000 रूपए की| यह पैसा मुझे 22 अगस्त को वापस करना है पूरे 50 दिन मिले|

अगली खरीदारी मैंने की 20 जुलाई को| लेकिन यह पैसा भी मुझे 22 अगस्त को ही देना है| मुझे समय मिला केवल 32 दिन का|

अगली खरीदारी मैंने की 1 अगस्त को| इसका भुगतान भी मुझे 22 अगस्त को ही करना है| मुझे समय मिला केवल 21 दिन|

अब कुछ खेल समझ में आया जनाब| 3 जुलाई से लेकर 2 अगस्त तक में कुछ भी खरीदारी sbi के क्रेडिट कार्ड से करता हूँ तो उसका भुगतान मुझे 22 जुलाई को ही करना है भैयाजी|

तो आप क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कहीं आपकी बिल की डेट आस पास तो नहीं है|

मेरी सलाह

मान लेते हैं मुझे कुछ ऑनलाइन खरीदने का मन किया करीब 25 जुलाई से 30 जुलाई के बीच, इस समय में क्रेडिट कार्ड से भुगतान करता हूँ तो मुझे पेमेंट करनी होगी करीब 22 अगस्त को| मुझे बस 20 से 25 दिन का समय मिला|

लेकिन में थोडा रुक जाता हूँ और 2 अगस्त को बिल बनने के बाद 3 तारीख को खरीदारी करता हूँ तो मुझे पुरे 50 दिन मिल जायेंगे और पेमेंट करनी होगी 22 सितम्बर को|

इस तरह दिमाग लगाकर क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करोगे तो फायदा ही फायदा है|

प्रत्येक क्रेडिट कार्ड (credit card) की बिल डेट अलग होती है| आपको जो वेलकम लैटर मिलेगा उसमें बिल डेट लिखी होगी| या फिर क्रेडिट कार्ड के पीछे एक costumar care नंबर होगा उस पर भी आप पता कर सकते हैं| और ऊपर मैंने जो समझाया है उससे हिसाब लगा कर एक चतुर बनिए की तरह क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करें😎.

 

क्रेडिट कार्ड के नियम व् शर्तें

दोस्तो, क्रेडिट कार्ड (Credit Card) वैसे इतनी आसानी से नहीं मिलता है| आपकी यदि अच्छी सैलरी है एक बढ़िया कंपनी में या फिर बिज़नस और 3 साल की इनकम टैक्स return के कागज़ और आपके बैंक अकाउंट में भी थोड़े बहुत पैसे होने चाहिए|

मैंने जब SBI कार्ड के लिए अप्लाई किया था| तो 3 साल की मैंने इनकम टैक्स return के कागज़ और इनके अनुसार बैंक में कम से कम 20000 रूपए होना अनिवार्य था|

  • क्रेडिट कार्ड पर आपको खर्चा करने के लिए पैसे की लिमिट मिलती है| जैसे मुझे SBI कार्ड पर 50000 और RBL कार्ड पर 85000 की लिमिट मिली हुई है| इससे ज्यादा की खरीदारी में नहीं कर सकता हूँ|
  • बिल बनने के बाद 21 दिन में भुगतान करना होता है|
  • बिल भुगतान न करने पर बैंक पेनल्टी और ब्याज लगाती है| यह पेनल्टी और ब्याज बहुत ज्यादा होती है दोनों मिलाकर करीब 40% से 50% तक हो सकती है|
  • बिल के भुगतान पर एक मिनिमम अमाउंट पे करने का भी आप्शन मिलता है| यदि आप पूरा भुगतान न करके मिनिमम अमाउंट पे कर देते हैं तो पेनल्टी नहीं लगेगी लेकिन ब्याज तो लगेगी ही|
  • हाँ, क्रेडिट कार्ड पर एक वार्षिक फीस होती है| यह करीब 500 रूपए से लेकर 2000, 3000 तक हो सकती है| लेकिन आपके क्रेडिट कार्ड से ज्यादा भुगतान करते हैं तो आप Costumar care पर बात करके इसे माफ करवा सकते हैं|

क्रेडिट कार्ड के फायदे

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) को सही तरीके से प्रयोग किया जाए तो फायदा ही फायदा है|

  • पहला फायदा आपको 50 दिन का ब्याज मुक्त उधार मिल जाता है| जिसे आप अगले महीने की कमाई में से चूका सकते हैं|
  • आपके पास अभी पैसे नहीं हैं और आपको कहीं पर भुगतान करना है तो आपक क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर सकते हैं| और तय तिथि पर आप उसकी पेमेंट कर दें|
  • आप खरीदारी करके अपने भुगतान की Instalment (EMI) भी बनवा सकते हैं|
  • ऑनलाइन वेबसाइट पर क्रेडिट कार्ड से आसान किस्तों से आप कोई भी सामान खरीद सकते हैं|
  • कई बार ऑनलाइन वेबसाइट पर ऑफर निकलते हैं जिसमें कुछ विशेष क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने पर डिस्काउंट, cash back ऑफर मिलते हैं|
  • यदि आप क्रेडिट कार्ड बराबर प्रयोग करते हैं तो आपको रिवॉर्ड पॉइंट मिलते हैं| जिसे आप बिल पेमेंट करते समय redeem करा सकते हैं| कहने का मतलब है आपको बिल में डिस्काउंट मिल जाएगा|

क्रेडिट कार्ड के नुकसान

क्रेडिट कार्ड (Credit Card) रखने का सबसे बड़ा नुकसान, आप खर्चीले बहुत हो जाते हो| यदि आपने नया नया क्रेडिट कार्ड बनवाया है तो आप देखोगे की आप क्रेडिट कार्ड से खरीदारी बहुत कर रहे हो|

यदि आप तय तारीख पर भुगतान नहीं कर पाते हैं तो पेनल्टी और ब्याज लगती है और आप कर्ज के कुचक्र में फंश जाते हैं|

क्रेडिट कार्ड के लिए कैसे अप्लाई करें

देखिये, क्रेडिट कार्ड के लिए नोकरी पेशा और बिज़नस करने वालों के लिए अलग अलग नियम हैं|

क्रेडिट अप्लाई करने के लिए आप बैंक में विजिट कर सकते हैं या आप बैंक की क्रेडिट कार्ड की ऑनलाइन वेबसाइट पर फॉर्म फिल कर दीजिये|

गूगल पर बैंक का नाम क्रेडिट कार्ड और अप्लाई लिख कर सर्च कर लीजिये

नोकरी पेशा वालों के लिए कुछ विशेष शर्तें|

  • सैलरी स्लिप और एक अच्छी टर्नओवर वाली कंपनी में नौकरी होनी चाहिए| सैलरी भी कम से कम 25000 तो होनी ही चाहिए|
  • इसके अलावा आपका सिविल स्कोर, सिविल स्कोर करीब 750 के आस पास है तो आसानी से क्रेडिट कार्ड बन जाएगा|
  • आपकी बैंक की बैंक स्टेटमेंट, बैंक खाते में थोडा बहुत बैलेंस होना चाहिए कम से कम 20000 तो होने ही चाहिए|
  • आधार कार्ड
  • फोटो
  • और एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा|
  • एड्रेस प्रूफ के तौर पर पानी या बिजली का बिल भी माँगा जा सकता है|

बिज़नस पेशा वालों के लिए

  • 3 साल की इनकम टैक्स return, ITR कम से कम 3,50,000 की तो होनी ही चाहिए| इससे कम पर क्रेडिट कार्ड बनना थोडा मुश्किल है|
  • बैंक खाते में कम से कम 20,000 रूपए का बैलेंस होना चाहिए पिछले 3 महीने में
  • सिविल स्कोर 750
  • आधार कार्ड
  • फोटो
  • और एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा|
  • एड्रेस प्रूफ के तौर पर पानी या बिजली का बिल भी माँगा जा सकता है|

विशेष प्रावधान

कई प्राइवेट बैंक कुछ महीनों तक अकाउंट में अच्छा बैलेंस मेन्टेन करने पर स्वतः ही क्रेडिट कार्ड बना देते हैं| जैसे HDFC बैंक|

आप HDFC बैंक में अकाउंट खुलवा लें और 50000 तक उसमें कुछ महीने करीब 6 महीने तक पैसा मेन्टेन करें| HDFC बैंक खुद ही आपका क्रडिट कार्ड आपको बना कर दे देगी|

ऐसा बाकि बैंक में भी है जैसे ICICI, indusind, kotak Mahindra etc.

यदि आप किसी बैंक में अच्छी पोस्ट पर नौकरी पर लगते हैं तो नौकरी लगते ही आपके सेविंग अकाउंट के साथ साथ आपका क्रेडिट कार्ड भी बन कर आ जाएगा|

क्रेडिट कार्ड कितने प्रकार का होता है|

क्रेडिट कार्ड के ऐसे कोई भी टाइप नहीं हैं| अलग अलग बैंक अपने हिसाब से क्रेडिट कार्ड के अलग अलग नाम रख देती हैं| जिसकी वजह से आपको लगता है की तरह तरह के क्रेडिट कार्ड होते हैं|

क्रेडिट कार्ड डिस्काउंट ऑफर, कैश बेक, और रिवॉर्ड पॉइंट के आधार पर अलग अलग होते हैं|

जो नार्मल क्रेडिट कार्ड होते हैं जिन पर वार्षिक फीस कम होती है उनपर कैश बेक, डिस्काउंट और रिवॉर्ड पॉइंट कम होते हैं|

कुछ कार्ड पर वार्षिक फीस ज्यादा होती है, लेकिन ऐसे कार्ड पर सुपर मार्किट, ऑनलाइन वेबसाइट, सिनेमा हॉल से, फ्लाइट्स से यात्रा करने पर डिस्काउंट और कैश बेक मिलता है|

बस यही एक अंतर है|

हाँ इसके अलावा आपको बता देता हूँ भारत में अभी visa, mastercard कंपनी बैंक के साथ साझेदारी करके कार्ड क्रेडिट इशू करती हैं|

लेकिन अब भारतीय कंपनी rupay भी क्रेडिट कार्ड इशू कर रही है|

क्रेडिट कार्ड खरीदने से पहले सावधानियां|

  • क्रेडिट कार्ड की लिमिट कितनी है
  • क्रेडिट कार्ड पर वार्षिक फीस कितनी है| कोशिश करें ऐसा कार्ड खरीदें जिस पर वार्षिक फीस कम से कम हो|
  • आप अपने प्रयोग के अनुसार क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करें, जैसे यदि आप फ्लाइट से ज्यादा ट्रेवल करते हैं तो आप एक ऐसा कार्ड लें जिस पर फ्लाइट बुक कराने पर डिस्काउंट और काश बेक ज्यादा मिलता हो|
  • ऐसे ही यदि आप मूवी जायदा देखते हैं तो ऐसा क्रेडिट कार्ड खरीदें जिस पर मूवी टिकेट पर डिस्काउंट और कैश बेक मिले

 

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One comment

  1. Nice post thanks for help me,

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