विवाहित औरत मंगलसूत्र क्यों पहनती है | मंगलसूत्र का महत्त्व और इतिहास

विवाहित (शादीशुदा) औरत मंगलसूत्र क्यों पहनती है | गले में मंगलसूत्र क्यों पहना जाता है और इसका महत्त्व | Why married women wear mangalsutra and its importance in Hindi

दोस्तो, आपने सुना होगा, हिन्दू सभ्यता में एक स्त्री विवाह होने के बाद मंगल सूत्र पहनती है| यह मंगलसूत्र विवाह के साथ फेरों के समय पति के द्वारा अपनी पत्नी के गले में पहनाया जाता है|

मंगलसूत्र क्या होता है

मंगलसूत्र एक तरह की गले में पहनने की माला होती है| इस माला में पीले धागे में काले मोती और सोने या चांदी का लोकेट और मोर होता है|

ज्यादातर सोने के लॉकेट और काले मोती में विवाहित महिलायें इसे पहनना पसंद करती हैं|

मंगलसूत्र का मतलब क्या है|

मंगलसूत्र दो शब्दों से मिलकर बना होता है| मंगल और सूत्र, मंगल का मतलब है शुभ और सूत्र का मतलब है धागा| यानि शुभ धागा|

और यह धागा काले मोती और सोने के लॉकेट इसमें पिरो कर विवाहित स्त्री इसे पहनती हैं|

मंगलसूत्र कब पहना जाता है|

विवाह के समय पति अपने हाथों से फेरों के समय अपनी पत्नी के गले में यह मंगलसूत्र पहनता है और एक बार पहनने के बाद पुरे विवाहित जीवन में स्त्री इसे अपने गले में पहनती है|

मंगलसूत्र का महत्व क्या है

मंगलसूत्र में काले रंग के मोतियों की लड़ियाँ, मोर और सोने या चांदी का लॉकेट होता है|

सोने या चांदी का लॉकेट अमंगल की आशंकाओं से स्त्री के सुहाग की रक्षा करता है और सोना शरीर में बल और ओज बढ़ाने वाली धातु है तथा स्म्रधि का प्रतीक है|

मोर पति के प्रति श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है|

काले रंग के मोती बुरी नजर से बचाते हैं तथा शारीरिक उर्जा का क्षय होने से रोकते हैं|

मंगलसूत्र नहीं पहनने से क्या होता है|

देखिये यह सब मान्यता की बाते हैं| हिन्दू समाज की कई जातियों में स्त्रियाँ मंगलसूत्र नहीं पहनती है| तब भी उनका वैवाहिक जीवन अच्छा है|

लेकिन हिन्दू धर्म में जो भी मान्यताएं हैं वह वैज्ञानिक है|

आपने सुना होगा बच्चे को नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाया जाता है| ऐसे ही विवाहित स्त्री को भी मंगलसूत्र के काले मोती बुरी नजर से बचाते हैं|

इसमें लगा सोने का लॉकेट हर्दय को मजबूत बनाता है| और यदि एक स्त्री मंगलसूत्र पहनती है तो पति के प्रति उसकी श्रद्धा व्यक्त होती है और पति भी अपनी पति के प्रति ज्यादा प्रेम व्यवहार रखता है|

मंगलसूत्र किसे नहीं पहनना चाहिए

अविवाहित स्त्रियों को मंगलसूत्र नहीं पहनना चाहिए| विधवा स्त्री और तलाकशुदा स्त्री भी मंगलसूत्र न पहने तो चलेगा| क्योंकि मंगलसूत्र पति की लम्बी उम्र और शादीशुदा जीवन में मधुरता बननाए रखने के लिए पहना जाता है|

मंगलसूत्र किस दिन पहनना चाहिए

जैसा की हम पहले ही बता चुके हैं, मंगलसूत्र केवल शादीशुदा महिलायें ही पहन सकती है| सबसे पहले एक स्त्री को मंगलसूत्र, स्त्री का पतिविवाह के समय सात फेरों में पहनाता है| इसके बाद स्त्री का जब तक विवाहित जीवन रहता है, वह इसे गले से उतारती नहीं है और मंगलसूत्र को उतरना अशुभ भी माना जाता है|

मंगलसूत्र का टूटना क्या होता है|

वैसे तो मंगलसूत्र किसी भी कारण से टूट सकता है| जैसे छोटे बच्चे अपनी माँ के गले से में से खींच देते है| या मंगलसूत्र अचानक किसी वस्तु में अटक कर भी टूट सकता है|

इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं हैं| मंगलसूत्र को जोहरी से ठीक करवा लें और पुनः धारण कर लें|

मंगलसूत्र पहनने का मन्त्र

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