भारत में बकरी के नस्ल के प्रकार

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भारत में बकरी की नस्ल (प्रजाति) के प्रकार | types of goat breeds in india in hindi | bharat mein kitne prakar ki bakari ki prajati hai

1. बरबरी

बरबरी प्रजाती की बकरियां गुरुग्राम, दिल्ली, पानीपत, करनाल, उत्तरप्रदेश, रोहतक और कई हरयाणा के जिले में पाई जाती है|

इनके वाल कम होते हैं और सिंह लम्बे और खड़े होते हैं|

इनका रंग भूरा और शरीर पर सफ़ेद चकत्ते होते हैं|

बरबरी प्रजाति की बकरियां दूध और मॉस दोनों के लिए पाली जाती है|

एक बार बच्चा देने के बाद यह करीब डेढ़ किलो दूध डेली देती है

2. बीटल बकरी

बीटल प्रजाति की बकरी पंजाब और हरयाणा में पाई जाती है| लेकिन यह सबसे ज्यादा पाली जाने वाली बकरी है इसलिए अब यह पुरे भारत में पाई जाती है|

इसे भी मॉस और दूध दोनों के लिए पाला जाता है|

यह बकरी काले और भूरे रंग में पाई जाती है और इसपर सफ़ेद चकत्ते होते हैं| इसके वजन करीब 45 से 60 किलोग्राम तक होता है|

और हाँ इस बकरी के दाड़ी भी होती है|

यह करीब 6 महीने तक 1 से 2 किलो प्रतिदिन दूध देती है|

3. चंगतंगी

चंगतंगी के बालों से धागे बनाए जाते हैं| यह सफ़ेद रंग की होती है| लेकिन यह भूरे, काले और ग्रे रंग में भी पाई जाती है|

इनके कान छोटे होते हैं और सिंह बड़े होते हैं| इस प्रजाति की बकरी की उंचाई मध्यम होती है| और व्यस्क नर का वजन करीब 20 से 22 किलोग्राम तक होता है|

4. चेगू

चेगु बकरी ज्यादातर सफ़ेद रंग की होती है| लेकिन ग्रे रेड और मिक्स्ड रंग में भी पाई जाती हैं|

इनके कान छोटे, और पैर माध्यम लम्बाई के होते हैं| इनके सिंह पीछे की तरफ मुड़े हुए होते हैं|

यह प्रजाति साल में एक बच्चे को जन्म देती हैं|

जखराना बकरी

जखराना मुख्यतः राजस्थान में पाई जाती है| यह बकरी की प्रजाति ज्यादातर दूध के काम आती है|

इनके शरीर की बनावट बीटल प्रजाति की तरह होती है लेकिन यह थोड़ी सी लम्बाई में ज्यादा होती है|

इनके रंग काला और उस पर सफ़ेद रंग के चकत्ते होते हैं|

जमनापुरी

जमनापुरी बकरियां मुख्यतः उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं|

इस प्रजाति का रंग ज्यादातर सफ़ेद और गर्दन, कान पर काले धब्बे होते हैं| इस प्रजाति की ख़ास पहचान पीछे वाले पेरों पर लम्बे बाल हैं|

जमनापुरी बकरियां मुख्यतः दूध के लिए पाली जाती हैं| यह दिन में 2 से 3 किलो दूध देती हैं|

कन्नी अदू

बकरी की कन्नी अदू प्रजाति मुख्यतः तमिलनाडु में पाई जाती है| इनका रंग मुख्यतः काला और सफ़ेद होता है| इनके 1 से ज्यादा बच्चे भी होते है|

कन्नू अदू बकरी को मुख्यतः मॉस के लिए पाला जाता है|

कोदी अदू

बकरी की यह प्रजाति भी तमिलनाडु में ही पाई जाती है| यह मुख्यतः काले रंग में पाई जाती है|

इस प्रजाति की बकरी की लम्बाई ज्यादा होती है और इन्हें मुख्यतः मीट के लिए पाला जाता है|

कुत्ची (Kutchi)

इस प्रजाति की बकरी मुख्यतः गुजरात में पाई जाती है| कुत्ची जाती की बकरी को काठियावाड़ी बकरी भी कहते हैं|

इस बकरी को मॉस और दूध दोनों के लिए पाला जाता है| इस प्रजाति का रंग काला और शरीर पर काले रंग के धब्बे पाए जाते हैं|

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Anurag Pathak
इनका नाम अनुराग पाठक है| इन्होने बीकॉम और फाइनेंस में एमबीए किया हुआ है| वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं| अपने मूल विषय के अलावा धर्म, राजनीती, इतिहास और अन्य विषयों में रूचि है| इसी तरह के विषयों पर लिखने के लिए viralfactsindia.com की शुरुआत की और यह प्रयास लगातार जारी है और हिंदी पाठकों के लिए सटीक और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराते रहेंगे
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