बैंक खातों के प्रकार और विशेषताएं | Types of Bank Accounts in India Hindi

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Types of Bank Accounts in hindi, बैंक के खातों के प्रकार

Types of Bank Accounts in India in Hindi characteristic, Important Point | बैंक खातों के प्रकार और विशेषताएं, सम्पूर्ण जानकारी

दोस्तो, आज के समय में बैंक का खाता खोलना आसान भी है और जरुरी भी| ऐसे में यदि आप बैंक में अकाउंट खुलवाना चाहते हैं, तो आपके मन में भी सवाल आया होगा|

आखिर बैंक कितने प्रकार के खाते (Bank Accounts) खोलता है और इनकी विशेषताएं क्या हैं|

ऐसे ही कुछ सवालों का जवाब आज जानने की कोशिश करेंगे| आइये मिलकर चर्चा करते हैं|

Types of Bank Accounts in Hindi

बैंक खातों के प्रकार

बैंक खातों (Bank Accounts) को बृहद रूप से 3 भागों में बांटा गया है|

  1. मांग जमा ( Demand Deposit)
  2. अवधि जमा (Term) Deposit)
  3. अनिवासी जमा (Non Resident Deposit)
  4. Demat Account
  5. Nostro Account
  6. Vostro Account
  7. Escrow Account
  8. Gilt Account

मूलतः आप निम्नलिखित खाते बैंक में खोल सकते हैं|

मांग जमा बैंक खाता (Demand Deposit) Bank Accounts

  • बचत खाता (Saving Account)
  • चालू खाता (Current Account)

अवधि जमा बैंक खाता (Term Deposit) Bank Accounts

  • आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account)
  • सावधि जमा खाता (Fixed Deposit Account)

Sweep Bank Account

  • बचत cum सावधि जमा खाता (Flexi fixed deposit scheme) और स्वीप अकाउंट (Sweep Account)

NRI (Non Resident Indian Deposit Bank Account)

  • NRE Savings/Fixed Deposit Account
  • NRO Savings Fixed Deposit Account
  • FCNR Fixed Deposit Account

बचत खाता भी कई प्रकार के होते हैं, और अलग अलग बैंक, हर एक प्रकार के बचत खाते में सुविधाएं अलग अलग देती है|

यह जानने के लिए आपको बैंक अधिकारी से ही पूछताछ करनी होगी|

इसके अलावा बचत खाता मूल रूप से 7 प्रकार के होते हैं, आइये बारी बारी से इनकी चर्चा करते हैं|

Saving Bank Account (बचत बैंक खाता)

Regular Basic Saving Bank Account:-

बैंक व्यक्तिगत रूप से एक अकाउंट खोलता है जिसे हम साधारणतय सेविंग अकाउंट के नाम से जानते हैं| यह अकाउंट एक महत्वपूर्ण अकाउंट है और हर किसी के पास होता है|

आइये जानते हैं इसकी कुछ विशेषताएं

  • इस अकाउंट में एक निश्चित बैलेंस हमेशा रखना पड़ता है| सरकारी बैंक में यह 500 रूपए से 1000 रूपए तक होता है| यदि आप चेक बुक लेते हैं तो आपको 1000 रूपए रखने होंगे और नहीं लेते है तो 500 रूपए| लेकिन फिर भी अलग अलग बैंक की अलग अलग शर्ते हैं, आप बैंक जाकर अधिकारी से सम्पूर्ण जानकारी ले लें|
  • प्राइवेट बैंक में अकाउंट खुलबाने पर 5000 या 10,000 का बैलेंस मेन्टेन करना पड़ सकता है|
  • इस अकाउंट में आपको डेबिट कार्ड फ्री मिलेगा कोई चार्ज नहीं है|
  • आप महीने में कितनी भी बार पैसे जमा कर सकते हैं|
  • लेकिन आप कितनी बार पैसे निकाल सकते हैं, इसकी एक निश्चित सीमा है, किसी बैंक में महीने में 6 बार या 5 बार हो सकता है| यह जानकारी आप अकाउंट खुलबाने से पहले बैंक अधिकारी से ले ले
  • किसी दूसरी बैंक के एटीएम से पैसे निकालने की भी अपनी सीमा है, यदि आप उस सीमा से ऊपर किसी दुसरे बैंक के एटीएम से पैसा निकलते हैं तो आपको चार्ज लगेगा|
  • इसके अलावा चेक बुक इस अकाउंट के साथ फ्री मिलती है, सरकारी बैंक में चेक बुक ज्यादा फ्री मिलती है, लेकिन प्राइवेट बैंक में फ्री चेक की संख्या कम होती है, उसके बाद चार्ज देना पड़ता है|
  • ब्याज की यदि बात करें, सरकारी बैंक सेविंग अकाउंट पे करीब 4% और कई प्राइवेट बैंक जैसे kotak bank, yes बैंक इस अकाउंट पर 6% तक ब्याज दे रहे हैं|

कोई और आपके प्रश्न हों तो आप कमेंट में पूछ सकते हैं|

Salary Bank Account:-

यदि आप किसी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं, तो आपको सैलरी कंपनी आपके सैलरी अकाउंट में हर महीने ट्रान्सफर कर देती हैं| यह अकाउंट सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों का खुलता है|

  • इस अकाउंट में कोई बैलेंस मेन्टेन नहीं करना पड़ता है, आप जीरो बैलेंस भी रखंगे तो कोई पैसे नहीं कटेंगे|
  • इसके अलावा फ्री चेक बुक, एटीएम कार्ड, डिमांड ड्राफ्ट की फैसिलिटी भी होती है, लेकिन आपको यह फैसिलिटी कितनी फ्री मिलेगी सब कुछ बैंक पर निर्भर करता है|

Joint Bank Account:-

जॉइंट अकाउंट एक सेविंग अकाउंट ही होता है, लेकिन यह एक से ज्यादा लोगों के द्वारा चलाया जाता है|

  • इस अकाउंट में कोई भी पैसे निकाल सकता हैं, कोई भी पैसे जमा कर सकता है,
  • इस अकाउंट में हर एक अकाउंट होल्डर को अलग डेबिट कार्ड दिया जाता है
  • यह अकाउंट आप किसी भी बैंक में खुलवा सकते हैं|
  • जॉइंट अकाउंट का कांसेप्ट वैसे तो पति पत्नी के लिए आया था लेकिन अब कई बैंक परिवार के किसी भी चार सदस्य को अकाउंट होल्डर बना सकते हैं

Woman’s Savings Bank Account:-

जैसे नाम से ही पता लग रहा है इस तरह का अकाउंट केवल महिलाओं के लिए ही खोला जाता है|

  • इस अकाउंट में महिलाओं को अतिरिक्त सुविधा दी जाती हैं, जैसे
  • बैंक के दुसरे उत्पादों पर डिस्काउंट,
  • पर्सनल इन्स्युरेंस,
  • ज्यादा ब्याज आदि

Minor Bank Account:-

यह एक तरह का जॉइंट अकाउंट ही होता है, जिसमें एक अकाउंट होल्डर 18 साल से कम उम्र का और दूसरा अकाउंट होल्डर माता पिता या गार्डियन में से एक कोई भी होना चाहिए| यह अकाउंट सभी बैंकों में उपलव्ध है|

प्रधान मंत्री जन धन योजना सेविंग बैंक अकाउंट:-

यह अकाउंट मोदी जी ने इसलिए चलाया जिससे गरीब लोग भी बैंक में अकाउंट खोल सकें,

  • यह एक जीरो बैलेंस अकाउंट है,
  • इस अकाउंट में महीने में चार बार पैसा निकाला जा सकता है
  • किसी भी तरह की चेक बुक इस अकाउंट में नहीं मिलती है|
  • इसके अलावा 30,000 रूपए का इन्स्युरेंस कवर और
  • 1 लाख रूपए का दुर्घटना इन्स्युरेंस इस अकाउंट के साथ मिल जाता है|

चालू बैंक खाता (Current Bank Account)

यदि आप कोई व्यापार कर रहे हैं तो बिज़नस का लेन देन आप सेविंग अकाउंट के माध्यम से नहीं कर सकते इसके लिए बैंक आपको current account (चालू खाता) खोलने की सलाह देता है|

यह अकाउंट बिज़नेस के नाम से होता है| बिज़नेस के लिए अलग से अकाउंट इसलिए खोला जाता है क्योंकि बिज़नस में महीने में बहुत ज्यादा लेन देन होता है, और सेविंग अकाउंट में पैसे निकालने की एक सीमा होती है|

आइये जानते हैं इस अकाउंट की कुछ विशेषताएं

  • बैंक चालू खाते में 3 महीने में एक बार चार्ज काटती है|
  • वैसे तो चालू खाते पर किसी भी प्रकार की ब्याज नहीं मिलती है, लेकिन अब कई बैंक ब्याज दे रही हैं|
  • इस अकाउंट में बैंक, व्यापारी को बैंक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी देती है|
  • चालू खाते में सेविंग अकाउंट की तुलना में ज्यादा लेन देन किया जा सकता है|
  • इस अकाउंट में सेविंग अकाउंट की तुलना में ज्यादा बैलेंस बनाकर रखना पड़ता है, सरकारी बैंक में यह खाता 5,000 रूपए से खुल जाता है, लेकिन प्राइवेट बैंक में कम से कम 10,000 रूपए बैलेंस हमेशा रखना पड़ेगा|
  • इस अकाउंट में दिन में आप जितनी मर्जी लेन देन कर सकते हैं|
  • यदि आप बैलेंस मेन्टेन नहीं कर पाते हैं तो आपको पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है|

आवर्ती जमा बैंक खाता (Recurring Deposit Bank Account)

इस तरह के अकाउंट में खाता धारक हर महीने एक निश्चित पैसा इस अकाउंट में डालता है और अवधि पूरी हो जाने पर प्रिंसिपल प्लस ब्याज का पैसा मिल जाता है|

इस अकाउंट में आप सेविंग और करंट अकाउंट की तरह बीच में पैसा नहीं निकाल सकते हैं, पैसा अवधि पूरी होने के बाद ही मिलेगा|

यदि आपको पैसे की अकस्मात् जरुरत पड़ जाती है तो खाताधारक को आर.डी को ख़त्म करना होता है, ऐसा करने पर बैंक कुछ चार्ज काटकर प्रिंसिपल प्लस ब्याज का पैसा खाताधारक को लौटा देता है|

आइये जानते हैं इस बैंक अकाउंट की कुछ विशेषताएँ

  • R.D में आप कम से कम कितने पैसे जमा करा सकते हैं इसके बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं हैं फिर भी आप कम से कम हर महीने 10 रूपए से इसे शुरू कर सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा कितना भी अमाउंट हो सकता है|
  • यह खाता आप 6 महीने से लेकर 10 साल तक खोल सकते हैं|
  • ब्याज फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट के बराबर ही होती है, साधारणतय यह सेविंग अकाउंट पर मिलने वाली व्याज से तो ज्यादा ही होती हैं|
  • बीच में खाताधारक पैसा नहीं निकाल सकता है, यदि जरुरत है ही तो आप अकाउंट को बंद करवा सकते हैं और पैसे ले सकते हैं|
  • इस अकाउंट में अब तक जमा हुए पैसे के आधार पर बैंक आपको लोन दे सकता है, जितना पैसा अकाउंट में जमा है उसका 80% तक लोन मिल सकता है|

सावधि जमा बैंक खाता ( Fixed Deposit Bank Account)

इस तरह के अकाउंट में खाता धारक एक ही बार में एक बड़ा अमाउंट बैंक में एक निश्चित अवधि तक जमा कराता है, अवधि पूरी हो जाने के बाद ब्याज के साथ सारा पैसा खाता धारक को दे दिया जाता है|

  • इस खाते में आप कम से कम 7 दिन और ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक के लिए पैसे जमा करा सकते हैं|
  • ब्याज की दर हर एक बैंक की अलग होती है और मार्किट के उतार चढाव के साथ भी व्याज की दरों में बदलाव आता रहता है|
  • आप समय से पहले भी पैसा निकाल सकते हैं, बैंक कुछ फाइन (पेनल्टी) चार्ज करता है बाकि पैसा खाताधारक को वापस कर दिया जाता है|

Saving Cum Fixed Deposit बैंक Account (Sweep Bank Account)

इस तरह के अकाउंट में सेविंग और करंट अकाउंट दोनों के गुण होते हैं, एक निश्चित अमाउंट से ऊपर का अमाउंट अपने आप फिक्स्ड डिपाजिट में परिवर्तित हो जाता है|

मान लेते है, बैंक की शर्तों के अनुसार आपके सेविंग अकाउंट में 25,000 से ऊपर जितना भी पैसा है उसे फिक्स्ड डिपाजिट में बदल दिया जाता है|

यदि आपके अकाउंट में 100,000 रूपए हैं तो 25,000 रूपए तो आपके सेविंग अकाउंट में ही पड़े रहेंगे और 75,000 की FD हो जाएगी|

NRI (Non Resident Indian Deposit Bank Account)

जैसा की नाम से ही पता चल रहा है, यह अकाउंट केवल NRI (विदेशी भारतियों) के द्वारा ही खोला जा सकता है| यह अकाउंट भी तीन प्रकार हो होता है| आइये चर्चा करते हैं|

Non-Resident External Rupee Account (NRE) Savings/Fixed Depsoit Bank Accounts

Non Resident External (NRE) सेविंग अकाउंट ऐसे भारतीयों के लिए है जो विदेश में रहते हैं, इस अकाउंट के माध्यम से विदेश में कमाए हुए धन को आसानी से भारत में भेज सकते हैं|

आइये जानते हैं इस अकाउंट की कुछ विशेषताएँ

  • NRE खाता सेविंग और फिक्स्ड डिपाजिट दोनों तरीके से खोला जा सकता है|
  • इस तरह के अकाउंट में ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है, और न ही कोई वेल्थ टैक्स
  • टैक्स में छूट केवल व्यक्तिगत (Individual) खाताधारक को ही मिलता है, किसी विदेश में काम कर रही कंपनी को नहीं
  • यह अकाउंट रूपए में ही मेन्टेन किया जाता है
  • यह अकाउंट दो विदेशी भारतीयों के द्वारा मिलकर खोला जा सकता है लेकिन कोई भारतीय इसमें भागिदार नहीं बन सकता है|
  • इस अकाउंट में भारतीय मुद्रा में पैसा जमा नहीं किया जा सकता है|

Foreign Currency Non-Resident Bank Deposit Account (FCNR) Fixed Deposit Bank Accounts

यह एक तरह का फिक्स्ड डिपाजिट अकाउंट होता है, और एक विदेशी भारतीय के द्वारा खोला जा सकता है|

आइये जानते हैं इस अकाउंट की कुछ विशेषताएँ

  • इस खाते में जमा हुए पैसे और ब्याज दोनों पर कोई टैक्स नहीं लगता है
  • दो NRI मिलकर अकाउंट खोल सकते हैं|
  • इस खाते पर खाताधारक को ओवरड्राफ्ट मिल सकता है|
  • NRI, भारतीय नागरिक के साथ मिलकर अकाउंट नहीं खोल सकता है|
  • इस अकाउंट में निम्नलिखित मुद्रा जमा की जा सकती हैं|
    US Dollars, Pounds, EURO, Japanese Yen, Australian Dollars, Canadian Dollars
  • भारतीय मुद्रा जमा नहीं कर सकते हैं|
  • कम से कम 1 साल और ज्यादा से ज्यादा 5 साल के लिए FD की जा सकती है

Non-Resident Ordinary Rupee Account (NRO) Savings Fixed Deposit Bank Accounts

आइये जानते हैं इस अकाउंट की कुछ विशेषताएँ

  • NRO अकाउंट सेविंग और फिक्स्ड डिपाजिट दोनों तरीके से खोला जा सकता है|
  • यह अकाउंट भारतीय मुद्रा में मेन्टेन किया जाता है
  • इसके आलावा इस अकाउंट को NRI किसी भारतीय के साथ मिलकर भी खोल सकता है|
  • इस अकाउंट में जमा पैसा और ब्याज दोनों पर टैक्स लगता है
  • इस अकाउंट में भारतीय मुद्रा भी जमा की जा सकती हैं|

Demat Account (डीमेट अकाउंट):-

Demat अकाउंट शेयर और सिक्योरिटीज की ट्रेडिंग के लिए खोला जाता है| यहाँ आप अपने ख़रीदे हुए शेयर रख सकते हैं और इसी अकाउंट से बेच भी सकते हैं|

Nostro Account (नोस्त्रो अकाउंट):-

यदि भारतीय बैंक विदेशी बैंक में अपना अकाउंट खोलती है उसे नोस्त्रो अकाउंट बोला जाता है, जैसे पंजाब नेशनल बैंक यदि अमेरिका की बैंक में अकाउंट खोलती है इस तरह के अकाउंट को नोस्त्रो अकाउंट कहा जाता है|

Loro Account (लोरो अकाउंट):-

इस अकाउंट को समझने के लिए एक उदहारण लेते हैं मान लेते हैं, PNB बैंक का अकाउंट एक अमेरिकन बैंक में है, लेकिन एक ऑस्ट्रेलिया की बैंक अमेरिका में कोई लेन देन करना चाहती है लेकिन इसका अकाउंट अमेरिकन बैंक में नहीं है| ऐसी स्थिति में यदि ऑस्ट्रेलिया की बैंक पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट के माध्यम से लेन देन करती है तो यह अकाउंट PNB के नोस्त्रो और ऑस्ट्रेलिया की बैंक के लिए लोरो कहलाएगा|

Vostro Account (वोस्त्रो अकाउंट)

यदि कोई विदेशी बैंक भारतीय बैंक में अकाउंट खोलती है तो यह अकाउंट वोस्त्रो अकाउंट कहलाता है, यह अकाउंट भारतीय मुद्रा में ही रखा जाता है|

Escrow Account (एस्क्रौ अकाउंट)

एस्क्रौ अकाउंट दो पार्टियों के बीच लेन देन के लिए तीसरी पार्टी के पास रहता है, यानि बैंक के पास| यह ज्यादातर रियल स्टेट में प्रयोग किया जाता है|

एक उदहारण से समझते हैं, यदि आप कोई अपार्टमेंट में फ्लैट लेना चाहते हैं और अभी फ्लैट निर्माणाधीन है, और आप पूरा पैसा सीधा बिल्डर को नहीं देना चाहते हैं|

ऐसी स्थिति में एक एस्क्रौ अकाउंट बैंक के पास खोला जाता है, आप पैसा सीधा बिल्डर को न देकर एस्क्रौ अकाउंट में जमा करेंगे और जैसे जैसे फ्लैट बनता जाएगा उसमें से पैसा बिल्डर को मिलता जाएगा|

Gilt Account (गिल्ट अकाउंट) 

इस तरह का अकाउंट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज को रखने के लिए प्रयोग किया जाता है|

आशा करते हैं इस लेख के जरिये आपका ज्ञानवर्धन हुआ होगा और हमारे आर्टिकल (Types of Bank Accounts in Hindi) से आपको जरुर लाभ हुआ होगा|

 

 

 

 

 

 

 

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