What is Mutual Fund & Types in Hindi | म्यूच्यूअल फण्ड क्या है और प्रकार

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what is mutual fund in hindi

What is Mutual Fund and types in Hindi | म्यूच्यूअल फण्ड क्या है कितने प्रकार का होता है 

दोस्तों आपने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से सुना होगा की मेरे म्यूच्यूअल फण्ड की वैल्यू 10% बढ़ गई है या 2% घट गई है| मार्किट में तेजी है एक दिन में ही 10,00000 का फायदा हो गया, वगेरह वगेरह|

आपके भी मन में सवाल आता होगा आखिर यह म्यूच्यूअल फंड क्या है, कितने प्रकार का होता है और म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश (इन्वेस्ट) कैसे किया जाता है|

दोस्तो, आज आपको अपने सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे| यदि आप सही में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश (इन्वेस्ट) करना चाहते हैं|

तो इन्वेस्ट करने से पहले इसके बारे में भली भांति जान ले और ठोक बजा कर ही निवेश करें| क्योंकि धंधे में कम नॉलेज (जानकारी), नुकसान होने का प्रमुख कारण होती है|

आखिरी तक हमारे साथ बने रहने का प्रयास कीजियेगा, कुछ आप यहाँ से सीख कर ही जायेंगे|

आइये चर्चा करते हैं|

What is Mutual Fund in Hindi

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है

दोस्तो, म्यूच्यूअल फण्ड का कंसेप्ट एक सरल उधाहरण से समझते हैं| मान लेते हैं आप शेयर मार्किट में निवेश (इन्वेस्ट) करना चाहते हैं|

लेकिन आपके साथ 2 प्रॉब्लम हैं|

  1. एक तो आपके पास पैसा कम है
  2. दूसरा आप को शेयर मार्किट की नॉलेज नहीं है, की पैसा कहाँ और कैसे इन्वेस्ट करें और आपके पास इतना समय में भी नहीं है की आप इतनी रिसर्च करें|

अब यहाँ मेरा रोल आता है, मुझे शेयर मार्किट की अच्छी खासी जानकारी है| शेयर मार्किट में पैसा लगा कर में प्रॉफिट निकाल लेता हूँ| लेकिन मेरे इस अनुभव और कुशलता से आपको भी फायदा हो सकता है|

अब में यहाँ ऐसे लोगों से पैसा इकठ्ठा करूंगा जो इन्वेस्ट करना चाहते हैं| मान लेते हैं 100 लोगों की टीम बनी| हर एक बन्दे से 5,000 रूपए लिए|

कितने पैसे हो गए जी, 5 लाख रूपए, अब ये 5 लाख रूपए में शेयर मार्किट में लगा दूंगा| और जो फायदा होगा अपना कमीशन काट के इन 100 लोगों में बाँट दूंगा|

मान लेते हैं 12% का प्रॉफिट हुआ है| 5 लाख का 12%, 60,000 बनता है| मान लेते हैं मेरा कमीशन हो गया 10,000 रूपए| ये 10,000 ऐसे ही मेने अनुमानित ले लिए हैं, ज्यादा घवराये नहीं

बाकि का 50,000 रूपए 100 लोगों में बट जाएगा और हर एक के हिस्से में 500 रूपए आ जायेंगे| इस तरह प्रत्येक की कैपिटल हो गई 5500 रूपए|

ये जो 5,00,000 रूपए इकट्ठे किये थे इसे ही म्यूच्यूअल फण्ड (Mutual Fund) कहते हैं|

म्यूच्यूअल फण्ड में क्यों निवेश करें इसके क्या फायेदे हैं|

*यदि आप म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते हैं, तो आपको एक स्पेशल फण्ड मेनेजर रखने की जरुरत नहीं है| म्यूच्यूअल फण्ड की कंपनी में एक्सपर्ट्स होते हैं जो मार्किट के उतार चढाव को देखते हुए सही इन्वेस्ट करते हैं|

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की आपको म्यूच्यूअल फण्ड में नुकसान नहीं हो सकता, हो सकता है लेकिन नुकसान होने के चांसेस कम होते हैं|

*आप यहाँ एक से ज्यादा शेयर मे पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं, यानि अपने फण्ड को डाइवर्सिफाइड (Diversified) कर सकते हैं|

*म्यूच्यूअल फण्ड ऐसे भी होते हैं, जिन पर शेयर मार्किट के उतार चढ़ाव का कोई फर्क नहीं पड़ता और आपको एक फिक्स्ड ब्याज मिल जाता है| इसके बारे में आगे चर्चा करेंगे|

*म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करने के लिए जरुरी नहीं आपके पास Demat अकाउंट हो

*म्यूच्यूअल फण्ड में आप किस्तों में हर महीने भी इन्वेस्ट कर सकते हैं, कम से कम 500 रूपए से भी आपका म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश प्रारंभ हो सकता है|

म्यूच्यूअल फण्ड में NAV क्या होता है

जब आप शेयर खरीदते हैं तो आपको शेयर्स नंबर में मिलते हैं, जैसे 50 शेयर्स 100 शेयर्स| लेकिन म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स में मिलते हैं|

जिस रेट पर म्यूच्यूअल फण्ड मिलते हैं उसे NAV (Net Asset Value) कहा जाता है|

मान लेते हैं आपने 500 म्यूच्यूअल फण्ड, प्रति 10 रूपए के हिसाब से ख़रीदे हैं, इस लेन दें को कुछ इस तरह कहेंगे, 500 यूनिट म्यूच्यूअल फण्ड प्रति 10 रूपए NAV के हिसाब से|

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार ( Types of Mutual Fund)

वैसे तो म्यूच्यूअल फण्ड को कई आधार पर बांटा जा सकता है, सर्वप्रथम चर्चा करते हैं, निवेश के आधार पर कितने तरीके के म्यूच्यूअल फण्ड आपको देखने को मिलते हैं|

1. इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड (Equity Mutual Fund)
2.डेब्ट म्यूच्यूअल फंड (Debt Mutual Fund)
3. हाइब्रिड म्यूच्यूअल फंड (Hybrid Mutual Fund)
4. गोल्ड म्यूच्यूअल फंड (Gold Mutual Fund)
5. मनी मार्किट फंड्स (Money Market Funds)

इसके अलावा भी और फंड्स होते हैं| जैसे

इन फंड्स में भी कई तरह के फण्ड होते हैं

इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार (Types of Equity Mutual Fund)

इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड के कई प्रकार हैं, यह निर्भर करता है की किस तरह की कंपनी में निवेश किया है, बड़ी कंपनी है यां छोटी

Large Cap Fund (लार्ज कैप फण्ड):- इस तरह के म्यूच्यूअल फंड पैसा बहुत बड़ी कंपनी में लगाते हैं| जैसे Birla Sun Life Frontline Equity Fund, SBI Bluechip Fund, ICICI prudential Focussed Bluechip
Fund.

Multi-Cap Fund (मल्टी कैप फण्ड):- इस तरह के म्यूच्यूअल फंड हर तरह की कंपनी में निवेश करते हैं, जैसे MOtilal Oswal Multicap 35Fund-Reg(G), L&T INdia Value Find Reg(G), Mirae Asset Emerging
Bluechip-Reg(G), ICICI Pru Value Discovery Fund(G) Etc.

Midcap Fund(मिड कैप फण्ड):- इस तरह के फण्ड बीच के आकार की कंपनी में निवेश करते हैं जैसे Canara Robeco Emerging Equities Fund, Mirae Assets Emerging Bluechip Fund, L&t Midcap Fund
etc

Equity linked Savings Scheme(Elss):- ऐसे फंड्स में निवेश करने पर टैक्स में छुट ले सकते हैं जैसे
Reliance Tax Saver Fund, DSP BlackRock Tax Saver Fund, Axis Long Term Equity
FUjnd

हाँ निवेश करने से पहले चेक करलें की कितने सेक्टर में यह पैसा इन्वेस्ट करेंगे, कई फण्ड ऐसे होते हैं जो सिर्फ एक ही सेक्टर में पैसा इन्वेस्ट करते हैं|

ऐसे फण्ड सेक्टर फण्ड (Sector Fund) कहलाते हैं| इनके बारे में हम आगे चर्चा करेंगे| जैसे अभी बैंकिंग सेक्टर, और रियल स्टेट सेक्टर ठीक नहीं चल रहा है| तो आप इन्वेस्ट करने से पहले चेक करलें की फण्ड Multi sector में पैसा लगाएगा या सिर्फ एक ही सेक्टर में|

एक और बात कंपनी बड़ी है या छोटी उस कंपनी की मार्किट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) पर निर्भर करता है|

डेब्ट म्यूच्यूअल फंड के प्रकार (Types of Debt Mutual Fund in Hindi):-

दोस्तो, ऐसा नहीं है म्यूच्यूअल फण्ड सिर्फ शेयर में ही पैसा निवेश करते हैं, शेयर के अलावा डिबेंचर और गवर्नमेंट बांड में भी यह पैसानिवेशकरते
हैं| ऐसे म्यूच्यूअल फंड निवेश के द्रष्टिकोण से सुरक्षित माने जाते हैं, क्योंकि आपको यहाँ एक फिक्स्ड रेट ऑफ़ इंटरेस्ट मिलता है और शेयर
बाज़ार की तरह उतार चढाव का सामना नहीं करना पड़ता|

  • Monthly Income plans
  • Liquid Funds
  • Ultra Short Term Debt Fund
  • Fixed Maturity Plans
  • Credit Opportunities Funds
  • Short Term Debt Funds
  • Long Term Debt Fund
  • Income Funds
  • Gilt Funds:-

इनके अलावा भी कई तरह के डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड होते हैं

हाइब्रिड म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार (Types of Hybrid Mutual Funds in Hindi):-

ऐसे भी म्यूच्यूअल फंड होते हैं जो शेयर और डिबेंचर और बांड्स, दोनों में पैसा लगाते हैं| ऐसे फंड्स को हाइब्रिड फंड्स कहते हैं|

बैलेंस्ड फण्ड (Balanced Funds):- ऐसे फंड्स कम से कम 65% पैसा शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं| उदहारण
HDFC Balanced Fund, Franklin India Balanced Fund etc.

डायनामिक एसेट एलोकेशन फंड्स (Dynamic Asset Allocation Funds):- इस तरह के फण्ड मार्किट के ट्रेंड को देखकर फेसला लेते हैं| जैसे ICICI Prudential Balanced Advantage Fund.

गोल्ड म्यूच्यूअल फण्ड (Gold Mutual Fund):-

गोल्ड म्यूच्यूअल फण्ड सोने के उतार चढ़ाव के आधार पर रिटर्न देते हैं| इस तरह के म्यूच्यूअल फण्ड साल का एक फिक्स्ड रेट ऑफ़ इंटरेस्ट देंगे और maturity पर सोने के बाज़ार के भाव के अनुसार आपको पैसे वापस कर देंगे|

मान लेते हैं, एक गोल्ड बांड है, इसका लॉक इन पीरियड है 8 साल और हर साल 5% का इंटरेस्ट निवेशक को मिलेगा| आपने 1,00,000 रूपए के गोल्ड बांड खरीद लिए |

मान लेते हैं अभी गोल्ड का रेट चल रहा है 10,000 रूपए पैर ग्राम| और एक यूनिट 1 ग्राम की है तो आपको 10 यूनिट मिल गई|

इस पर आपको हर साल 1,00,000 का 5%, 5000 रूपए का ब्याज मिल जाएगा| और मान लेते हैं 5 साल के बाद सोने की कीमत 200 प्रति ग्राम हो जाती है तो आपको 5 साल के बाद म्यूच्यूअल फण्ड से 2,00,000 रूपए मिल जायेंगे|

मनी मार्किट फंड्स (Money Market Funds):-

इस तरह के फण्ड निवेशक का पैसा liquid instrument जैसे CPs और T-Bills (Treasuary Bill) में निवेश करते हैं| इस तरह के म्यूच्यूअल फण्ड निवेश के हिसाब से सुरक्षित माने जाते हैं| यहाँ से बराबर रिटर्न मिलता रहता है|

इसके अलावा भी म्यूच्यूअल फंड्स के कई भागों में वर्गीकृत किया गया है| आइये चर्चा करते हैं|

सेक्टर फंड्स (Sector Funds):-

इस तरह के फंड्स सिर्फ एक ही सेक्टर में इन्वेस्ट हारते हैं जैसे Infrastructure Funds, Banking Funds etc. निवेश करने से पहले चेक करलें, सेक्टर की क्या हालत चल रही है| नहीं नुक्सान उठाना पड़ सकता है|

इंडेक्स फंड्स (Index Funds):-

इस तरह म्यूच्यूअल फंड्स किसी एक इंडेक्स में लिस्ट होते हैं जैसे BSE इंडेक्स म्यूच्यूअल फण्ड, Sensex इंडेक्स म्यूच्यूअल फंड्स etc.

टैक्स सेविंग्स फंड्स (Tax Saving Funds):-

इस तरह के फंड्स इक्विटी शेयर्स में इन्वेस्ट करते हैं और निवेशक इनकम टैक्स एक्ट के प्रावधान के अनुसार इन्वेस्टमेंट के अमाउंट पर इनकम टैक्स में 80c के तहत छूट ले सकता है|

फंड्स ऑफ़ फंड्स (Funds of Funds):-

इस तरह के म्यूच्यूअल फण्ड दुसरे म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करते हैं|

Types of Funds Based on Structure

ओपन एंडेड फंड्स (Open Ended Funds):-

इस तरह के फंड्स को खरीदने के बाद साल के बीच में कभी भी बेचा जा सकता है, उस समय की NAV के अनुसार आपको पैसे मिल जायेंगे|

इस तरह के फण्ड, निवेशक को लिक्विडिटी (Liquidity), यानि कभी भी पैसा निकालने की सुविधा उपलव्ध कराते हैं|

क्लोज एंडेड फंड्स (close-Ended Funds):-

इस तरह के फंड्स को खरीदने के बाद एक निश्चित समय अवधि के बाद ही बेचा जा सकता है,

Types of Mutal Funds Based on Investment Objective

ग्रोथ फंड्स (Grwoth Funds):-

इस तरह के फंड्स का पैसा ज्यादातर इक्विटी शेयर्स में लगाया जाता है, जिससे इन फंड्स की वैल्यू तेजी से बढती है, लेकिन ऐसा नहीं है, सारा मार्किट पैर निर्भर करता है| लेकिन लम्बे समय में इस तरह के फंड्स में लाभ अच्छा हो जाता है|

इनकम फंड्स (Income Funds):-

इस तरह के फंड्स का पैसा फिक्स्ड रिटर्न देने वाली स्कीम में लागाया जाता है जैसे डिबेंचर और बांड्स और बांड्स में पैसा लगाना| यहाँ से एक निश्चित फिक्स्ड इंटरेस्ट मिलता रहता है|

लिक्विड फंड्स (Liquid Funds):-

इस तरह के म्यूच्यूअल फंड्स केवल शोर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान में इन्वेस्ट करते हैं, जैसे CPs, T-Bills etc. इस तरह के फंड्स में रिस्क कम होता है, और कम समय में ही रिटर्न मिल जाता है|

एग्रेसिव ग्रोथ फंड्स (Aggressive Growth Funds):-

इस तरह के फंड्स लॉन्ग टर्म उद्देश्य को पूरा करने के लिए होते हैं, जैसे बच्चों की पढाई और शादी के लिए पैसा इकठ्ठा करना|

यहाँ पैसा लॉन्ग टर्म में बहुत तेजी से बढ़ता है, लेकिन फिर भी सब कुछ मार्किट पर देपेंद करता है|

ग्रोथ फंड्स (Grwoth Funds):-

इस तरह के फंड्स में मिड कैप, स्माल कैप, लार्ज केप फंड्स का मिश्रण होता है, इस तरह के फंड्स मध्यम रिटर्न देते हैं और अग्ग्रेसिवे म्यूच्यूअल फंड्स के तुलना में रिस्क कम होता है|

म्यूच्यूअल फण्ड ग्रोथ या डिविडेंड (Mutual Fund Growth or dividend in Hindi)

जब म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते हैं तो आपको 2 आप्शन मिलते हैं, ग्रोथ आप्शन (Growth Option) और डिविडेंड आप्शन (Dividend Option).

ग्रोथ आप्शन में आप अपने म्यूच्यूअल फंड को बेचकर पैसा निकाल सकते हैं|

लेकिन डिविडेंड फण्ड में आपको समय समय पर डिविडेंड (प्रॉफिट में हिस्सा) मिलता है, लेकिन ऐसा नही है की आपको डिविडेंड मिलेगा ही, यह सब कंपनी के प्रॉफिट निर्भर करता है|

अब यह आपको ऊपर निर्भर करता है की आप कोनसे आप्शन का चयन करते हैं|

मेरा सुझाव यह होगा, यदि आप लम्बे समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो ग्रोथ आप्शन और बीच बीच में आपको पैसा चाहिए तो आप डिविडेंड आप्शन का चयन करें|

साथ ही आपको यह भी देखना है को आपको टेक्स कितना देना पड़ेगा|

म्यूच्यूअल फण्ड डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान (Mutual Fund Direct Plan or Regular Plan in Hindi)

इसके अलावा म्यूच्यूअल फंड खरीदने से पहले आप इसका भी ध्यान रखें की आप डायरेक्ट प्लान लेना चाहते हैं या रेगुलर प्लान|

रेगुलर प्लान (Regula Plan):-

रेगुलर प्लान में बीच में एक डिस्ट्रीब्यूटर (एजेंट) होता है| सीए एक फिक्स्ड कमीशन मिलता है और वह कमीशन आपके प्रॉफिट में से ही दिया जाता है, और आपका रिटर्न कम हो जाएगा|

डायरेक्ट प्लान (Direct Plan):-

डायरेक्ट प्लान में बीच में कोई एजेंट नहीं होता है, और प्रॉफिट का सारा पैसा आपको मिल जाता है| निवेश करने से पहले इनमे से कोनसा आप्शन आप लेना चाहते है उस आप्शन को सेलेक्ट करना न भूलें|

शोर्ट में समझें तो म्यूच्यूअल 4 आप्शन में मिलता है जैसे

Birla Sun Life Frontline Equity Fund – Direct Plan

Birla Sun Life Frontline Equity Fund – Regular Plan

Birla Sun Life Frontline Equity Fund – Direct Plan

Birla Sun Life Frontline Equity Fund – Regular Plan

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