Dr. APJ Abdul kalam Biography in hindi | एपीजे अब्दुल कलाम का इतिहास व जीवन परिचय

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Dr. APJ Abdul kalam Biography and History (story) in hindi | एपीजे अब्दुल कलाम का इतिहास व जीवन परिचय

एपीजे अब्दुल कलाम, नाम सुनते ही एक शांत, सरल, उम्मीद और उर्जा से ओतप्रोत सख्सियत नजरों के सामने आ जाती है| यह भारत की पावन धरती से जन्मी वह आत्मा है, जिनके लिए जीवन भर धर्म और निजी स्वार्थ से हटकर राष्ट्र प्रथम रहा|

जी हाँ दोस्तो हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति श्रीमान एपीजे अब्दुल कलाम जी के बारे में|

एपीजे अब्दुल कलाम जी की सख्सियत को कलम से बयाँ करना शायद मुश्किल है, क्योंकि शब्दों की भी अपने सीमायें हैं|

शब्दों से परे, वो अहसास जो भारतियों के दिल में, कलाम जी के लिए है उसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है|

वैज्ञानिक, शिक्षक और एक राजनेता के तोर पर कलाम साहब हमेशा एक प्रेरणा श्रोत रहे| भारत के मूल स्वभाव धर्म निरपेक्षता की वे जीती जागती मिसाल थे|

Down Below we have given comprehensive Information, History and Biography of Dr Apj Abdul Kalam in Hindi

Dr. APJ Abdul kalam biography (history) in hindi | एपीजे अब्दुल कलाम का इतिहास व जीवन परिचय

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क्रमांकParticularDetail
1पूरा नामडॉक्टर अवुल पाकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल
2जन्म15 अक्टूबर, 1931
3जन्म स्थानधनुषकोडी गांव, रामेश्वरम, तमिलनाडु
4माता-पिताअशिअम्मा , जैनुलाब्दीन
5म्रत्यु27 जुलाई 2015
6राष्ट्रपति बने2002-07
7भूमिकाशिक्षक, वैज्ञानिक, राष्ट्रपति, प्रेरणा श्रोत

कलाम साहब प्रारंभिक जीवन :-

कलाम साहब का जन्म तमिलनाडु रामेश्वरम के एक छोटे से गाँव धनुसकोड़ी (Dhanushkodi)में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था|

इनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलअबिदीन अब्दुल कलाम हैं| इनके पिता जैनुलअबिदीन एक नाविक थे और उनकी माता अशिअम्मा एक गृहणी थीं।

पिता जैनुलअबिदीन नाव(ferry) के मालिक थे और हिन्दू तीर्थयात्रियों को रामेश्वरम और धनुषकोडी के बीच लाने ले जाने का काम करते थे| घर की आर्थिक स्थिति कुछ ख़ास नहीं थी|

इसलिए परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए कलाम साहब छोटी सी उम्र में ही डेली अखबार बेचा करते थे|

जिस अखबार एजेंसी से ये अखबार लेते थे, वे इन्ही के रिश्तेदार थे| इन्होने ही कलाम जी को प्रोत्साहित किया की आगे पढाई करके जीवन में कुछ अच्छा करो|

कलाम साहब की शिक्षा:-

इनकी प्रारम्भिक शिक्षा रामेश्वरम एलेमेंट्री स्कूल से हुई| 1954 में तिरुचिराप्पल्ल्ली (Tiruchirappalli) में स्थित सेंट जोसफ कॉलेज से इन्होने फिजिक्स में स्नातक की डिग्री ली|

1955, में ये मद्रास चले गए और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढाई करने के लिए मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में दाखिला ले लिया|

कलाम साहब एक इंटरव्यू में बताते हैं की उनका सपना एक फाइटर पायलट बनना था| लेकिन समय के साथ इनकी carrer की choice बदल गई|

प्रेरणा श्रोत:-

कैसे उनके दिल में इच्छा जागी की उनको फाइटर पायलट बनना है, इसके लिए पांचवी क्लास के टीचर सुब्रह्मण्यम अय्यर को ये अपनी प्रेरणा बताते हैं|

वो कहते हैं, ‘वो हमारे अच्छे टीचर्स में से थे. एक बार उन्होंने क्लास में पूछा कि चिड़िया कैसे उड़ती है? क्लास के किसी छात्र ने इसका उत्तर नहीं दिया तो अगले दिन वो सभी बच्चों को समुद्र के किनारे ले गए|

वहां बहुत सारे पक्षी उड़ रहे थे| वहां उन्होंने हमें पक्षी के उड़ने के पीछे के कारण को समझाया इसके साथ साथ पक्षियों के शरीर की बनावट को भी विस्तार पूर्वक बताया जो उड़ने में सहायक होता है|

उनके द्वारा समझाई गई ये बातें मेरे अंदर इस कदर समा गई कि मुझे हमेशा महसूस होने लगा कि मैं रामेश्वरम के समुद्र तट पर हूं और उस दिन की घटना ने मुझे जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी|

बाद में मैंने तय किया कि उड़ान की दिशा में ही अपना करियर बनाउं.

कैरियर :-

1960 में मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से aeronotical Engineering में पढाई पूरी करने के बाद|

कलाम साहब ने अपनी विलक्षण प्रतिभा के आधार पर वैज्ञानिक के तोर पर Defence Research and Development Service (DRDS) के सदस्य बने|

और इसके बाद एक वैज्ञानिक के तोर पर रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (DRDO) को join कर लिया|

DRDO में Aeronotical Development Establishment department में इन्होने अपने सेवाएँ दी और एक छोटे हेलिकॉप्टर का प्रोटोटाइप(डिजाईन) बनाकर भारतीय सेना को समर्पित किया|

लेकिन वो इस जॉब से संतुष्ट नहीं थे| वे कुछ और बड़ा और बेहतर देश के लिए करना चाहते थे|

कलाम साहब जवाहर लाल नेहरु द्वारा गठित संस्था “इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च” (INCOSPAR) के सदस्य भी थे| यहाँ उन्हें प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के साथ काम करने का मोका मिला|

1969 में इन्हें इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन (ISRO) में ट्रान्सफर कर दिया गया| यहाँ वे भारत के सॅटॅलाइट लांच व्हीकल परियोजना के निदेशक के तौर पर नियुक्त किये गए थे।

भारत का प्रथम Satellite Launch Vehicle (SLV-III) कलाम साहब के मार्ग दर्शन में ही develop किया गया| इसी vehicle से जुलाई 1980 में भारत का प्रथम उपग्रह (satellite) रोहिणी पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया|

यह एक भारत की बहुत बड़ी उपलव्धि थी| और इसका श्रेय कलाम साहब को ही जाता है|

1965 में कलाम साहब ने ही DRDO के राकेट प्रोजेक्ट को अपने दम पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया | 1969 में भारत सरकार की आधिकारिक approval के बाद इन्होने और engineers को recruit किया|

1963-1964 में कलाम साहब अमरीकन space एजेंसी NASA भी गए|

1970 में कलाम साहब ने दो सीक्रेट प्रोजेक्ट्स “Project Devil” और “Project Valiant” को डायरेक्ट किया
जिसमे SLV तकनीक के आधार पर बैलिस्टिक मिसाइल्स को develop किया जाना था|

इस एयरोस्पेस प्रोजेक्ट को यूनियन कैबिनेट ने dissaprovve कर दिया था| लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपनी स्पेशल पॉवर के आधार पर सीक्रेट फण्ड इस प्रोजेक्ट को available करवाया|

1980 के दशक तक एक महान वैज्ञानिक के तोर पर कलाम साहब भारत में बहुत प्रसिद्ध हो गए थे| भारत सरकार का विश्वास भी कलाम जी पर बढ़ गया था|

यही वह समय था जब भारत सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना “इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम” (IGMDP) कलाम साहब के नेतृत्व में प्रारम्भ की|

वह इस परियोजना के मुख कार्यकारी थे। इस परियोजना ने देश को अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें दी है। और कलाम साहब को “मिसाइल मैन” के नाम से जाना जाने लगा|

1998 में प्रसिद्ध ह्रदय चिकित्सक सोमा राजू के साथ मिलकर कलाम साहब ने एक कम कीमत का ‘कोरोनरी स्टेंट’ का विकास किया। इसे ‘कलाम-राजू स्टेंट’ का नाम दिया गया।

2012 में इन दोनों ने मिलकर एक ग्रामीण एरिया के स्वास्थ्य क्षेत्र को improve करने के लिए एक “tablet computer” डिजाईन किया| इस टेबलेट कंप्यूटर का नाम कलाम साहब के सम्मान में “कलाम राजू टेबलेट” रखा गया|

अब्दुल कलाम साहब राष्ट्रपति के तौर पर :-

कलाम साहब के रक्षा क्षेत्र में योगदान और इनकी प्रसिद्धी के मद्देनज़र 2002 की NDA सरकार ने इन्हें राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया| 25 जुलाई 2002 को अपने प्रतिद्वंदी लक्ष्मी सहगल को भारी अंतर से पराजित करके एपीजे अब्दुल कलाम जी ने भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति की शपथ ली|

एपीजे अब्दुल कलाम साहब भारत के ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत रत्न से नवाज़ा गया था|

इससे पहले यह सम्मान डॉ राधाकृष्णन और डॉ जाकिर हुसैन को राष्ट्रपति बनने से पहले ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जा चुका था।

कलाम साहब प्रथम वैज्ञानिक, bachlor(अविवाहित) और Non Political candidate थे|

25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक कलाम साहब ने भारत के राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला|

कार्यकाल समाप्त होने के बाद, अगले कार्यकाल के लिए भी उन्होंने इच्छा जताई| लेकिन राजनितिक पार्टियों में एकमत न होने के कारण इन्होने अपना नाम वापस ले लिया|

2012 में दुबारा से एपीजे अब्दुल कलाम साहब का नाम राष्ट्रपति पद के लिए सामने आया| लेकिन राजनीतिक पार्टियों में एक मत न होने के कारण कलाम साहब ने इस बार भी राष्ट्रपति पद के लिए मना कर दिया|

2007 में राष्ट्रपति पद से सेवामुक्त होने के बाद डॉ कलाम शिक्षण, लेखन, मार्गदर्शन और शोध जैसे कार्यों में व्यस्त हो गए|

भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर, भारतीय प्रबंधन संस्थान शिल्लोंग, भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद, जैसे संस्थानों से विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर जुड़े रहे।

इसके अलावा वह भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर के फेलो, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी थिरुवनन्थपुरम, के चांसलर, अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई, में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर भी रहे।

इन्होने आई. आई. आई. टी. हैदराबाद, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी में सूचना प्रौद्योगिकी भी पढाया था।

कलाम साहब हमेशा से देश के युवाओं और आगे आने वाली generation के भविष्य को बेहतर बनाने के बारे में बातें करते थे।

इसी सपने को साकार करने के लिए देश के युवाओं के लिए  “what can I Give’ पहल की शुरुआत भी की जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार का सफाया है।

देश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें 2 बार (2003 & 2004) ‘एम.टी.वी. यूथ आइकॉन ऑफ़ द इयर अवार्ड’ के लिए मनोनित भी किया गया था।

वर्ष 2011 में प्रदर्शित हुई हिंदी फिल्म ‘आई ऍम कलाम’ उनके जीवन से प्रभावित है।

एपीजे अब्दुल कलाम के द्वारा रचित किताबें :-

क्रमांककिताबों के नामलेखकप्रकाशन
1India 2020:
A Vision for the New Millennium
A P J Abdul Kalam,
Y. S. Rajan
New York, 1998
2Wings of Fire: An AutobiographyA P J Abdul Kalam, Arun TiwariUniversities Press, 1999
3Ignited Minds: Unleashing the Power Within IndiaA P J Abdul Kalam
4The Luminous SparksA P J Abdul KalamPunya Publishing Pvt Ltd.
5Mission IndiaA P J Abdul Kalam, Paintings by Manav GuptaPenguin Books, 2005
6Inspiring ThoughtsA P J Abdul Kalam; Rajpal & Sons2007
7Indomitable SpiritA P J Abdul KalamRajpal and Sons Publishing
8Envisioning an Empowered NationA P J Abdul Kalam with A Sivathanu PillaiTata McGraw-Hill, New Delhi
9You Are Born To Blossom: Take My Journey BeyondA P J Abdul Kalam and Arun TiwariOcean Books, 2011
10Turning Points: A journey through challengesA P J Abdul KalamHarper Collins India, 2012
11Target 3 BillionA P J Abdul Kalam and Srijan Pal SinghPublisher Penguin Books
December 2011 |
12My Journey: Transforming Dreams into ActionsA P J Abdul KalamRupa Publication
August 2013
13A Manifesto for Change: A Sequel to India 2020A P J Abdul Kalam and V PonrajHarper Collins
July 2014
14Forge your Future: Candid, Forthright, InspiringA P J Abdul Kalam; by Rajpal and Sons29 October 2014
15Reignited: Scientific Pathways to a Brighter FutureA P J Abdul Kalam and Srijan Pal SinghPenguin India, 14 May 2015
16Transcendence: My Spiritual Experiences with Pramukh SwamijiA P J Abdul Kalam with Arun TiwariHarperCollins Publishers, June 2015
17Advantage India: From Challenge to OpportunityA P J Abdul Kalam and Srijan Pal SinghHarperCollins Publishers,15 Oct 2015

एपीजे अब्दुल कलाम साहब के अवार्ड(पुरुस्कार)

क्रमांकअवार्ड का नामवर्षअवार्ड देने वाली संस्था का नाम
1Padma Bhushan
पद्मा भूषण
1981Government of India
भारत सरकार
2Padma Vibhushan
पद्मा विभूषण
1990Government of India
भारत सरकार
3Distinguished Fellow
विशिष्ट फेलो
1994इंस्टिट्यूट ऑफ़ डायरेक्टर्स (भारत)
4Honorary Fellow1995National Academy of Medical Sciences
5Bharat Ratna
भारत रत्न
1997Government of India
भारत सरकार
6Indira Gandhi Award for National Integration
राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार
1997Indian National Congress
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
7Veer Savarkar Award
वीर सावरकर पुरस्कार
1998Government of India
भारत सरकार
8Ramanujan Award
रामानुजन पुरस्कार
2000Alwars Research Centre, Chennai
अल्वर्स रिसर्च सैंटर, चेन्नई
9Honorary Doctorate of Science
साइंस की मानद डाक्टरेट
2007University of Wolverhampton, UK
वॉल्वर हैम्प्टन विश्वविद्यालय ,
ब्रिटेन
10King Charles II Medal
चार्ल्स द्वितीय पदक
2007Royal Society, UK
रॉयल सोसाइटी , ब्रिटेन
11Honorary Doctorate of Science and Technology2007Carnegie Mellon University
कार्नेगी मेल्लोन विश्वविद्यालय
12Doctor of Engineering (Honoris Causa)
डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग
2008Nanyang Technological University, Singapore
नानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय , सिंगापुर
13Doctor of Science (Honoris Causa)
डॉक्टर ऑफ़ साइंस
2008Aligarh Muslim University, Aligarh
अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय
14International von Kármán Wings Award
अंतर्राष्ट्रीय करमन वॉन विंग्स पुरस्कार
2009California Institute of Technology, USA
कैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान , संयुक्त राज्य अमेरिका
15Hoover Medal
हूवर मेडल
2009ASME Foundation, USA
ASME फाउंडेशन, संयुक्त राज्य अमेरिका
16Honorary Doctorate
मानद डॉक्टरेट
2009Oakland University
ऑकलैंड विश्वविद्यालय
17Doctor of Engineering
डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग
2010University of Waterloo
वाटरलू विश्वविद्यालय
18IEEE Honorary Membership
आईईईई मानद सदस्यता
2011IEEE
आईईईई
19Doctor of Laws (Honoris Causa)
डॉक्टर ऑफ़ लॉ ( मानद )
2012Simon Fraser University
साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय
20Von Braun Award2013National Space Society
21Doctor of Science2014Edinburgh University, UK
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय , ब्रिटेन

म्रत्यु :-

कलाम साहब 27 जुलाई 2015 को IIM शिल्लोंग में एक लेक्चर देने गए टॉपिक था “Creating a Livable Planet Earth”.

लगभग 6:35 P.M पर लेक्चर देते समय अचानक तबियत ख़राब होने की वजह से जमीन पर गिर गए|आनन फानन में उन्हें पास के ही Bethany Hospital ले जया गया|

जहाँ डॉक्टर्स के अनुसार इनके शरीर में जीवन के लक्षण नहीं थे| फिर भी डॉक्टर्स ने डॉ कलाम को ICU में एडमिट किया|

लेकिन कहते हैं न नियति को कुछ और हीं मंजूर था 7:45 P.M पर कलाम साहब को मृत घोषित कर दिया गया| कारण बताया गया sudden Cardiac Arrest.

उनके सहायक सृजन पाल सिंह के अनुसार कलाम साहब के अंतिम शब्द थे “Funny guy! Are you doing well?”

डॉ कलाम का मृत शरीर एक हेलिकॉप्टर के माध्यम से शिल्लोंग से गुवाहाटी लाया गया| 28 जुलाई को वहां से एयर फ़ोर्स के C – 130J हर्कुलस के जरिये डॉ कलाम को दिल्ली लाया गया|

पालम हवाई अड्डे पर भारत के उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और ने कलाम साहब के पार्थिव शरीर को रिसीव किया|

इसके बाद इनके पार्थिव शरीर को इनके घर 10 राजाजी मार्ग ले जाया गया| यहाँ सभी राजनेताओं और प्रतिष्ठित सेलिब्रिटीज ने कलाम साहब को श्रधांजलि दी|

29 जुलाई सुबह, डॉ कलाम का पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के अनुसार एयर फ़ोर्स के विमान c-130J हर्कुलस के द्वारा दिल्ली से मदुरई भेजा गया|

वहां से एयर फ़ोर्स के हेलिकॉप्टर के जरिये इनके होमटाउन मंडपम भेजा गया| यहाँ से सेना के एक ट्रक के माध्यम से रामेश्वरम लाया गया

रामेश्वरम में एक लोकल बस स्टैंड के सामने एक खुले एरिया में इनका पार्थिव शरीर वहां के लोकल लोगों के लिए अंतिम दर्शन के लिए रखा गया|

30 जुलाई 2015 को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को रामेश्वरम के Pei Karumbu Ground में राजकीय सम्मान के साथ इस्लामिक रीती रिवाज के साथ दफनाया गया

करीब 3,50,000 लोग कलाम साहब की अंतिम यात्रा में थे| इनमे भारत के प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के गवर्नर और कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री शामिल थे|

Memorial :-

DRDO ने रामेश्वरम तमिलनाडु के आइलैंड Pei Karumbu में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का नेशनल मेमोरियल बनवाया|

जुलाई 2017 में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था|

मेमोरियल के गेट पर वीणा बजाते हुए कलाम साहब की प्रतिमा लगी हुई है| डॉ कलाम की दो और प्रतिमा बेठे और खड़े अवस्था में मेमोरियल के अन्दर लगी हुई हैं|

चित्रों के माध्यम से कलाम साहब के पुरे जीवन को इस मेमोरियल में दर्शाया गया है|

एपीजे अब्दुल कलाम की बायोग्राफी Books :-

क्रमांककिताब का नामलेखकप्रकाशन
1Eternal QuestS Chandra Pentagon Publishers, 2002
2President A P J Abdul KalamR K PruthiAnmol Publications, 2002
3A P J Abdul Kalam: The Visionary of IndiaK Bhushan, G KatyalA P H Pub Corp, 2002
4A Little Dream (documentary film)P. Dhanapal Minveli Media Works Private Limited, 2008
5The Kalam Effect: My Years with the PresidentP M NairHarper Collins, 2008
6My Days With Mahatma Abdul Kalam Fr A K GeorgeNovel Corporation, 2009

डॉ कलाम की म्रत्यु के बाद इनके सम्मान में कई विज्ञानं और शिक्षा के संस्थानों का नाम बदलकर कलाम साहब के नाम पर रख दिया गया|

कलाम साहब के अंतिम संस्कार के दिन बिहार सरकार ने “Agricultural college at Kishanganj, Bihar”
का नाम बदलकर  “Dr. Kalam Agricultural College, Kishanganj”  रख दिया|

उत्तर प्रदेश की सरकार ने “Uttar Pradesh Technical University (UPTU)” का नाम बदलकर
“A.P.J. Abdul Kalam Technical University” रख दिया|

source

दोस्तो, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम जी का जीवन परिचय (Dr. APJ Abdul kalam biography and history in hindi) देते समय हमने विस्वशनीयता का पूरा ध्यान रखा है| आशा करते हैं आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी| आपको इस आर्टिकल में कोई त्रुटी नज़र आये तो आप हमें कमेंट में सूचित कर सकते हैं|

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