Calcium aur Vitamin D mein kya antar hai

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क्या अप सर्च कर रहे है की कैल्शियम और विटामिन-डी में क्या अंतर है यदि हां तो आप सही जगह पर आये है इस पोस्ट में हम डिटेल में discuss करेगे, की कैल्शियम (calcium) और विटामिन-डी (vitamin-d) में क्या अंतर है|

इसके साथ-साथ आप हम यह भी चर्चा करेगे, की शरीर में कैल्शियम की कमी क्यों होती है|

इसके अलावा कई लोग कैल्शियम और विटामिन डी के अंतर को समझ नही पाते है, कैल्शियम क्या है, विटामिन डी क्या है, इनकी कमी को कैसे पहचाने और कैसे पूरा करे. ये जानना-समझना भी बहुत जरुरी है|

कैल्शियम और विटामिन डी में क्या अंतर है (टेबल के साथ)

s.no.कैल्शियम विटामिन डी
1. कैल्शियम एक मिनरल्स है जो अक्सर स्वस्थ हड्डियों और दांतों से जुड़ा होता है, विटामिन डी एक वसा में सोलुब्ले विटामिन है  जो हमारे शरीर में एक हार्मोन के रूप में भी कार्य करता है।
2. सेल्स में कैल्शियम सिग्नल ट्रांसडक्शन मार्गों, न्यूरॉन्स के न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज, मसल्स कॉन्ट्रैक्शंस , फर्टिलाइजेशन में एक इम्पोर्टेन्ट रोल निभाता है।
विटामिन डी मैग्नीशियम, कैल्शियम और फॉस्फेट की कंसंट्रेशन को कंट्रोल्ड करता है और हेअल्थी बोन सिस्टम को बढ़ावा देता है।
3.बॉडी में कैल्शियम को सप्लीमेंट करने की आवश्यकता होती है।
विटामिन डी को बॉडी में सिंथेसिज़ेड किया जा सकता है और सप्लीमेंट किया जा सकता है।
4.कैल्शियम अनाज, डेयरी प्रोडक्ट्स , फलों, सब्जियों, चीनी, प्रोटीन रिच फूड्स , तेल और वसा (fat) में होता है।
विटामिन डी 2 युवी लाइट के कांटेक्ट में मशरूम में नैचुरली होता है। विटामिन डी 3 लाइकेन, मछली जिगर के तेलों, कुछ मछली स्पीशीज (सामन, मैकेरल, टूना, सार्डिन), अंडे की जर्दी, गोमांस जिगर में होता है।
5.कैल्शियम का रेकमेंडेड डेली इन्टेक ऐज के बेस पर 800-1300 मिलीग्राम है।विटामिन डी का रेकमेंडेड डेली इन्टेक ऐज के बेस  पर 5 से 15 μg / दिन तक होता है।
 

What is calcium? | कैल्शियम क्या है?

कैल्शियम एक पोषक तत्व (nutritional element) है, जिसे आहार (diet) में जरुर लेना चाहिए।ये हड्डियों और दांतों के हेल्थ को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है।

शरीर (body) की लगभग (almost) हर सेल्स किसी न किसी तरह से कैल्शियम का उपयोग करती है। इसको पाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इससे शामिल भोजन को करें। कई लोग कैल्शियम सप्लीमेंट का प्रयोग भी करते हैं।

99% कैल्शियम हमारी हड्डियों और दांतों में पाया जाता है। बाकी का 1% कैल्शियम नर्व ट्रांसमिशन और मस्कुलर फंक्शन में जरुरी रोल निभाता है।

यही वजह है कि हेल्थ के लिए कैल्शियम बहुत जरुरी है। दूध, चीज, बींस, ब्रोकली, योगर्ट, ब्राउन राइस, ऑरेंज, पत्ता गोभी, मटर कैल्शियम के अच्छे स्त्रोत हैं।

कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए रोजाना डेयरी प्रोडक्ट्स का अधिक से अधिक कांसुमे करें। इसके लिए दूध, दही, पनीर, मक्खन आदि चीजों को डाइट में शामिल करें। वहीं, बच्चों को रोजाना एक गिलास दूध पीने की सलाह दें।

मीट और सीफ़ूड में भी कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाई जाती है|

कैल्शियम का सबसे अच्छा सोर्स दूध को माना जाता है। इसलिए कहा भी जाता है कि डेली दूध का सेवन करना चाहिए। एक गिलास दूध में करीब 300 ग्राम कैल्शियम होता है।

कैल्शियम की कमी से शरीर में क्या होता है?

  • कैल्शियम की कमी से शरीर में हड्डियां कमजोर और दर्द होने लगता है.
  • कैल्शियम की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन होती है.
  • मेमोरी में भी कमी आ जाती है.
  • शरीर सुन्न होने लगता है और हाथ-पैरों में झुनझुनाहट होने लगती है.
  • दांत कमजोर हो जाते हैं.

क्या खाने से कैल्शियम मिलता है?

  • दूध दही और पनीर- कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए खाने में दूध, दही और पनीर जरूर शामिल करें. …
  • सोयाबीन- सोयाबीन में कैल्शियम और ऑयरन भरपूर होता है. …
  • तिल- करीब 1 चम्मच तिल में 88 मिलीग्राम कैल्शियम होता है. …
  • बादाम- बादाम को सुपरफूड कहा जाता है

महिलाओं में कैल्शियम की कमी क्यों होती है?

कैल्शियम की कमी को हाइपोकैल्सीमिया (Hypocalcemia) भी कहा जाता है। यह तब होती है जब खून में कैल्शियम का स्तर कम होता है।

हालांकि कैल्शियम की कमी खतरनाक नहीं है, लेकिन लंबे समय तक इसकी कमी रहने से कई समस्याएं हो जाती है

जैसे दांत कमजोर होना, मोतियाबिंद, दिमाग की सेल्स में बदलाव, ऑस्टियोपोरोसिस और अधिक गंभीर परेशानियां हो सकती हैं।

शरीर में Calcium की कमी से होने वाली परेशानियां

हमारे शरीर के लिए कैल्शियम बहुत जरुरी है। कैल्शियम एक जरुरी मिनरल है जो हमारी शरीर की हड्डियों और दांतों की हेल्थ को बनाए रखने में मदद करता है।

साथ-साथ ही यह हमारे दिल और शरीर की अन्य मांसपेशियों (muscles)के उचित कार्य के लिए भी जरुरी है। साथ ही कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।

ये खून में थक्के (ब्लड क्लॉटिंग) की समस्या से राहत पाने में भी मदद करता है। सिर्फ इतना ही नहीं, शरीर के विकास और मांसपेशियों के निर्माण में भी कैल्शियम जरुरी भूमिका निभाता है।

लेकिन अगर आपके शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है तो यह आपको कई स्वास्थ्य (health) समस्याओं के जोखिम में डाल सकती है।

शरीर में कैल्शियम की कमी को मेडिकल भाषा में हायपोकैल्शिमिया (Hypocalcemia) कहा जाता है।

शरीर में कैल्शियम की कमी तब होती है, जब आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिल पाता है।

हेल्थ स्पेशलिस्ट की मानें तो शरीर में कैल्शियम की कमी के चलते स्वास्थ्य पर इसके सीरियस रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं।

विटामिन डी क्या है|

विटामिन डी एक वसा में सोलुब्ले विटामिन है  जो हमारे शरीर में एक हार्मोन के रूप में भी कार्य करता है।

विटामिन डी वसा (fat) में आसानी से घुल जाने वाले स्रावी स्टेरॉयड (sect-steroids) का एक ग्रुप है, इसके अंतर्गत D-1, D-2, और D-3 आतो हैं।

विटामिन डी कैल्शियम, मैग्नीशियम, और फॉस्फेट जैसे अन्य पोशक तत्वों को आंतों द्वारा अवशोषित (absorbed) होने में मदद करता है।

विटामिन डी को “सनशाइन विटामिन (sunshine vitamin)” भी कहा जाता है क्योंकि यह सूरज की रोशनी के माध्यम से skin में पैदा होता है।

 जिन लोगों  के शरीर में विटामिन डी की मात्रा की कमी होती है, उनकी हड्डियां कमजोर और पतली हो जाती है। बच्चों में होने वाले हड्डियों के इस रोग को रीकेट्स और एडल्ट में ओस्टोमैलेशिया (osteomalacia) कहा जाता है।

विटामिन डी के प्रकार-

  • विटामिन D2(एग्रो कैल्सी फेरोल) 

विटामिन D2 इंसान के शरीर में नहीं होता है। यह विटामिन पौधों से प्राप्त किया जा सकता है। इस विटामिन का निर्माण पौधे सूरज की पराबैंगनी किरणों (ultarviolet rays) की उपस्थिति में करते हैं। 

  • विटामिन D3(कोलेकैल्सिफेरॉल) 

इस विटामिन का मनुफेक्टर्स इंसान के शरीर में ही होता है। यह मनुष्य द्वारा सूरज की किरणों से फीडबैक होने से निर्मित होता है। इस विटामिन को हम मछली के डाइट से भी प्राप्त कर सकते हैं। 

 विटामिन डी की कमी के लक्षण 

  • ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप)
  • थकान महसूस करना
  • जोड़ों और हड्डियों में दर्द होना
  • शरीर में झुर्रियां पड़ना
  • डिप्रेशन और तनाव  होना
  • मसल्स कमजोर होना
  • डायबिटीज होना
  • कैंसर का खतरा होना
  • इम्यूनिटी कमजोर होना
  • बच्चों में रिकेट्स रोग का होना
  • हड्डियों का मुलायम होना

विटामिन डी की कमी से क्या होता है?

विटामिन डी की कमी होने पर हमारे शरीर की  इम्यूनिटी कमजोर पड़ने लगती हैं और हम बहुत जल्दी थक जाते हैं।

हमारा शरीर बहुत ही कमजोर महसूस करने लगता है। इसकी वजह से हम जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं और हमारे शरीर की हड्डी एवं दांतों में दर्द होने लगता है |  

विटामिन डी की कमी आमतौर पर पोषण की कमी है जो हर तीसरे इंसान में देखी जा सकती हैं।

यह बच्चों और एडल्ट दोनों में सामान्य रूप से होती है। यह उन लोगों में ज्यादा देखी गई है जो ज्यादातर बंद कमरों में रहते हैं।

उन्हें pure atmosphere नहीं मिल पाता है। इसके अलावा जो लोग डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही, मक्खन, घी इत्यादि का सेवन बहुत ही कम मात्रा में करते हैं या नहीं करते हैं उनमें भी विटामिन डी की कमी पाई जाती है। 

आजकल लोगों में नुट्रिशन की कमी ज़्यादा देखी जाती है क्योंकि वे फास्ट फूड या जंक फूड जैसे पिज़्ज़ा, बर्गर व बाहर की वस्तुओं का अधिक सेवन करते हैं। ये नुकसानदायक होती हैं।

जो लोग बीमारी की वजह से बाहर नहीं निकल पाते या जो लोग नाइट शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं उनमें भी विटामिन डी की कमी हो सकती है।

इसी के साथ साथ गर्भवती महिलाएँ तथा शाकाहारी लोग जो अपने आहार में पोषण से भरपूर चीज़ों को शामिल नहीं करते हैं उनके शरीर में भी विटामिन डी की कमी पाई जाती है।               

विटामिन डी की कमी से शरीर में क्या परेशानी होती है?

जिस तरह से शरीर के लिए अन्य विटामिन्स जरुरी होती है उसी प्रकार विटामिन डी भी शरीर के लिए कई तरह से महत्वपूर्ण माना जाता है|

विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द के अलावा मांसपेशियों में दर्द की शिकायत भी हो सकती है|

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Vanshita Tiwari
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